घर बैठे अल्फांसो आम की सुविधा; 50 हजार के मैंगो बॉन्ड पर हर साल 5 हजार रुपए के आमों की डिलेवरी मिलेगी

पुणे. अल्फांसो (हापुस) आम के शौकीन अब घर बैठे इसका आनंद उठा सकेंगे। इसके लिए आंबा उत्पादक सहकारी संस्था होम डिलेवरी की सुविधा दे रही है। संस्था ने 50 हजार रुपए का मैंगो बॉन्ड भी जारी किया है। हर साल 10% ब्याज के तौर पर 5 हजार रुपए के आम घर बैठे मिलेंगे। देशभर के 200 से ज्यादा लोग अब तक इस मैंगो बॉन्ड में निवेश कर चुके हैं। महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले की देवगढ़ तहसील अल्फांसो आम के लिए दुनियाभर में पहचानी जाती है।
संस्था के संचालक ओंकार सप्रे कहते हैं- 'मैंगो बॉन्ड में निवेश करने वालों में मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरू, अहमदाबाद के लोग भी हैं। ऑनलाइन बुकिंग के बाद हम सीधे इनके घरों में आम पहुंचा रहे हैं। करीब 700 किसान हमसे जुड़े हैं। उनका दावा है कि यह देश की पुरानी सहकारी संस्था है। साथ ही ऑनलाइन आम बेचने वाली भी पहली सहकारी संस्था है।
देवगढ़ का नाम खराब हो रहा था, इसलिए ऑनलाइन बिक्री
सहकारी संस्था के अध्यक्ष अजित गोगाटे ने आम उत्पादक किसानों को एकत्रित कर यह संस्था बनाई। देवगढ़ के आम के नाम पर कुछ भी बेचा जा रहा था, इससे इलाके का नाम खराब हो रहा था। इसलिए ऑनलाइन आम बेचने का विचार आया। खास बात यह है कि मैंगो बॉन्ड की योजना के तहत आम के दामों को भी पांच साल के लिए लॉक कर देती है। यानी निवेशक ने जिस कीमत पर इस साल पैसे लगाए हैं, उसी कीमत पर उसे अगले पांच साल तक आम मिलते रहेंगे।
35 शहरों में ऑनलाइन बिक्री, बॉन्ड की डिमांड भी बढ़ रही
इस समय दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, भोपाल, चंडीगढ़, सूरत, अहमदाबाद, चेन्नई समेत 35 शहरों में आम की ऑनलाइन बिक्री की जा रही है। आने वाले समय में निवेशकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
सेहत का ख्याल: पेस्टिसाइड की जगह ऑर्गेनिक पर जोर
महाराष्ट्र के कोंकण इलाके में सिंधुदुर्ग जिले की देवगढ़ तहसील में आम की बिक्री के लिए पारंपरिक तौर-तरीकों के साथ इनोवेशन पर काम हो रहा है। संस्था की ओर से ऑनलाइन बिक्री, मैंगो बॉन्ड, बड़े शहरों में आम के स्टॉल शुरू करने जैसे प्रयासों से बाजार बढ़ाने पर काम किया गया है। पुणे की बीवीजी लाइफ साइंस लिमिटेड के जरिए अल्फांसो पर लगने वाले कीड़ों को रोकने और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया है। ऑर्गेनिक खाद ही पेड़ों में इस्तेमाल की जा रही है। साथ ही पेस्टिसाइड का इस्तेमाल किए बिना आम की पैदावार कैसे बढ़ाई जाए, इस पर भी प्रयोग किए जा रहे हैंं। ताकि लोगों को सेहतमंद आम मिल सकें।
देवगढ़ में 45 हजार एकड़ में आम के बाग
देवगढ़ तहसील में 45 हजार एकड़ में आम के बाग हैं। 70 गांवों में 1,000 किसान सालाना 50 हजार टन आम उत्पादन करते हैं। लेकिन, किसानों के सामने इतने बड़े उत्पादन के लिए इलाके में बाजार नहीं होने से समस्या होती है। अब देवगढ़ तहसील में संस्था की स्कीम ने यह समस्या कुछ हद तक दूर की है।
सहूलियत:
घर बैठे मिलेंगे आम, एकमुश्त या अलग-अलग हफ्तों में ले सकते हैं।
पहली बार मैंगो बॉन्ड 2011 में जारी किए गए थे। अब मैंगो बॉन्ड्स 2.0 वर्जन लॉन्च किया गया है।
निवेशक 5 हजार के आम एकमुश्त ले सकता है या अलग-अलग हफ्ते में ले सकते हैं।
न्यूनतम बॉन्ड 50 हजार रु. का है। इसके बाद निवेशक 5,000 रुपए के गुणकों में राशि बढ़ा सकता है।
निवेेशक छोटे-बड़े 8 किस्म के आम ले सकते हैं। इनकी कीमत 500 से 2000 रुपए दर्जन तक है।
इसमें 5 साल का लॉक-इन पीरियड भी है। यानी बॉन्ड की अवधि कम से कम पांच साल की होगी।
