चंबल नदी उफान पर- कोटा बैराज के 14 गेट खोले, हाई अलर्ट जारी, रेस्क्यू टीमें तैनात

पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में भारी बारिश (Heavy rain) के कारण कोटा शहर (Kota City) में चंबल नदी (Chambal River) उफान पर है. चंबल नदी पर बने बांध गांधीसागर डेम (Gandhisagar Dame) में करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी की आवक (Water) हो रही है. इसको देखते गांधी सागर बांध के 6 स्लूज और 3 ऊपरी गेट खोलकर सवा दो लाख क्यूसेक पानी वहां से चंबल नदी के लिए छोड़ा जा रहा है. इतनी ही मात्रा पानी कोटा बैराज (Kota Barrage) से चंबल नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे वह कोटा में उफान पर है.

राणाप्रताप सागर और जवाहरसागर डेम के 7-7 गेट खोले

गांधीसागर डेम से आ रहे पानी को कोटा बैराज से निकालने के लिए सोमवार को इसके 14 गेट खोलकर आगे चंबल नदी में छोड़ा जा रहा है. बांधों से भारी मात्रा में पानी की निकासी होने से कोटा शहर की निचली बस्तियों में जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है. बस्तियों में मुनादी करवाई जा रही है. ताकि लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं. ग्रामीण क्षेत्रों में भी अलर्ट जारी किया गया है. वहीं गांधीसागर और कोटा बैराज के बीच स्थित राणाप्रताप सागर और जवाहरसागर डेम के 7-7 गेट खोलकर वहां से पानी की निकासी की जा रही है.

दो रेस्क्यू टीमें चंबल किनारे बसी बस्तियों में भेजी
चंबल नदी के उफान को देखते हुए कोटा शहर में सहायक अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में दो रेस्क्यू टीमें चंबल किनारे बसी बस्तियों में भेजी गई है ताकि मुनादी करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके. जल संसाधन विभाग के एसई एडी अंसारी ने बताया कि गांधीसागर से सोमवार को ढाई लाख क्यूसेक पानी तक छोड़ा जाएगा. ऐसे में कोटा बैराज की अपस्ट्रीम में इतने पानी को देखते हुए डाउन स्ट्रीम चंबल नदी में छोड़ा जाएगा. फिलहाल सब कुछ सामान्य है. पानी के उफान को देखते हुए अधिकारी पर इस निगाह बनाए हुए हैं.
चंबल नदी के उफान को देखते हुए कोटा शहर में सहायक अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में दो रेस्क्यू टीमें चंबल किनारे बसी बस्तियों में भेजी गई है ताकि मुनादी करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके. जल संसाधन विभाग के एसई एडी अंसारी ने बताया कि गांधीसागर से सोमवार को ढाई लाख क्यूसेक पानी तक छोड़ा जाएगा. ऐसे में कोटा बैराज की अपस्ट्रीम में इतने पानी को देखते हुए डाउन स्ट्रीम चंबल नदी में छोड़ा जाएगा. फिलहाल सब कुछ सामान्य है. पानी के उफान को देखते हुए अधिकारी पर इस निगाह बनाए हुए हैं.
 

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