चीन ने बनाया दुनिया का पहला सोलर हाइवे

पेइचिंग  आर्किटेक्चर के क्षेत्र में कमाल करने के बाद चीन ने एक और कारनामा कर दिया है। अब चीन ने दुनिया का पहला सोलर हाइवे बनाया है। एक किलोमीटर लंबा यह हाइवे बिजली बनाएगा और सर्दियों के मौसम में जमी बर्फ को पिघलाएगा। इसके अलावा आने वाले वक्त में यह हाइवे इलेक्ट्रिक वीइकल्स को चार्ज भी करेगा। ईस्टर्न चाइना में शेनडॉन्ग प्रॉविंस की राजधानी जिनान में बने इस हाइवे का टेस्ट सेक्शन ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। 

आर्किटेक्चर के क्षेत्र में कमाल करने के बाद चीन ने एक और कारनामा कर दिया है। अब चीन ने दुनिया का पहला सोलर हाइवे बनाया है। एक किलोमीटर लंबा यह हाइवे बिजली बनाएगा और सर्दियों के मौसम में जमी बर्फ को पिघलाएगा। इसके अलावा आने वाले वक्त में यह हाइवे इलेक्ट्रिक वीइकल्स को चार्ज भी करेगा। ईस्टर्न चाइना में शेनडॉन्ग प्रॉविंस की राजधानी जिनान में बने इस हाइवे का टेस्ट सेक्शन ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। 


यह है खासियत 

– चीन की सीसीटीवी न्यूज के मुताबिक, सोलर हाइवे में ट्रैंसलूसंट कॉन्क्रीट, सिलिकॉन पैनल्स और इंसुलेशन की लेयर्स हैं। 


– सर्दियों के मौसम में यह जमी हुई बर्फ को पिघलाने के लिए स्नो मेल्टिंग सिस्टम और सोलर स्ट्रीट लाइट्स को भी इलेक्ट्रिसिटी देगा। 


– चीन की योजना है कि भविष्य में इस हाइवे के जरिए इलेक्ट्रिक वीइकल्स को चार्ज किया जाए। इसके लिए हाइवे से पैदा होने वाली बिजली को चार्जिंग स्टेशन को सप्लाई किया जाएगा। 


– 1 करोड़ किलोवॉट बिजली पैदा की जा सकेगी हाईव के जरिए एक साल में 


इतनी लागत आई 

-एक किलोमीटर के सोलर हाइवे पर 63,200 स्क्वॉयर फीट का इलाका कवर किया गया है। 


-चीन की टोंगजी यूनिवर्सिटी के ट्रांसपोर्ट इंजिनियरिंग के एक्सपर्ट झैंग होंगचाओ ने बताया, यह हाइवे सामान्य हाइवे से 10 गुना ज्यादा प्रेशर झेल सकता है। लेकिन, इसकी लागत पर स्क्वॉयर मीटर 458 डॉलर यानी करीब 30 हजार रुपये है। जो की सामान्य हाइवे से काफी ज्यादा है। 


ये देश भी इस पर काम कर रहे 

सोलर हाइवे पर फ्रांस, हॉलैंड जैसे देश काम कर रहे हैं। फिलहाल, फ्रांस के एक गांव में सोलर पैनल रोड बनाई गई है। फ्रांस का दावा है कि ये अपनी तरह की पहली सोलर पैनल रोड है और ये 2016 में बनाई गई। 2014 में नीदरलैंड्स ने एक बाइक पाथ बनाया था, जिसमें सोलर पैनल्स लगे थे। 


बचेगी सोलर फार्म की जमीन 

सड़क के नीचे सोलर पैनल लगाने से सोलर फार्म बनाने में लगने वाली जमीन बचेगी। वहीं जहां बिजली की जरूरत होगी, ठीक वहीं सड़कों के नीचे सोलर पैनल लगाकर बिजली की हस्तांतरण दूरी को भी कम किया जा सकता है। 


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