चुनाव के अंतिम चरण में तेज हुआ social media पर वार, फर्जी Audio-video की बाढ़

अंतिम चरण में पहुंचे चुनावी घमासान में social media पर फर्जी पोस्ट, Audio-video और भ्रमित करने वाले फोटो वायरल करने का सिलसिला तेजी पकड़ गया है। Whatsapp, Twitter पर संदिग्ध संदेश डाल रहे लोगों का सुराग लगाने में Cyber Expert के भी पसीने छूटने लगे हैं। लोकसभा चुनावों के छठे चरण में पश्चिम बंगाल के अलावा सभी हिंदी भाषी क्षेत्रों में मतदान होना है, इसलिए बड़े दायरे के चलते साइबर टीमों को अतिरिक्त चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में सियासी दलों के बीच social media पर झूठे एवं तोड़-मरोड़ कर पेश किए जाने वाले Audio-video का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फतेहाबाद में रैली रद होने की गलत पोस्ट फेसबुक पर डालकर अफवाह फैलाने के मामले से सबक लेते हुए चुनाव आयोग ने social media पर निगरानी बढ़ा दी है। विशेषकर 12 मई को मतदान के दिन social media पर नजर रखने के लिए टीमें बनाई जाएंगी। जिला निर्वाचन अधिकारी फर्जी वीडियो, संदेश या किसी भी प्रकार की शिकायत की जांच-पड़ताल करने के बाद दो घंटे के भीतर रिपोर्ट चुनाव आयोग को देंगे।

 

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव रंजन ने सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संदिग्ध वीडियो, संदेश या किसी भी प्रकार की शिकायत की वे खुद जांच-पड़ताल करें। अधिकतर लोग Twitter और Whatsapp पर वीडियो अपलोड करते हैं। सभी निर्वाचन अधिकारी इन वीडियो के सही या गलत होने की जांच करने के लिए अलग-अलग टीमें गठित करें। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1950 पर आने वाली शिकायतों के निपटारे के लिए पर्याप्त स्टाफ लगाएं।

पोस्टल बैलेट के लिए ऑनलाइन आवेदन

 

संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. इंद्रजीत ने कहा कि चंडीगढ़ व आसपास के क्षेत्रों में चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी तुरंत पोस्टल बैलेट के लिए ऑनलाइन आवेदन करें, ताकि उनके बैलेट को समय पर उनके लोकसभा क्षेत्र तक पहुंचाया जा सके। किसी स्थान विशेष पर चुनाव प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कर्मचारी वहीं पर अपना बैलेट जमा करा सकते हैं। इसके अलावा ऑब्जर्वर के चालक, स्टाफ, पुलिस व अन्य कर्मचारियों को भी पोस्टल बैलेट पेपर की सुविधा मिलेगी।

‘नई सुविधा’ पर मतदान की अपडेट रिपोर्ट

 

चुनाव आयोग ने नया सॉफ्टवेयर ‘नई सुविधा’ तैयार किया है जिस पर निर्वाचन अधिकारियों को मतदान के दिन हर दो घंटे में वोटर टर्न आउट को अपडेट करना होगा। सभी सहायक रिटर्निंग अफसरों को शाम सात बजे तक महिला, पुरुष तथा ट्रांसजेंडर की कुल वोटिंग की रिपोर्ट भेजनी अनिवार्य की गई है। इससे पहले 9 और 10 मई को निर्धारित पोलिंग स्टेशन पर ‘ड्राई ट्रायल रन’ किया जाएगा। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को सीजर रिपोर्ट, EVM की रिपोर्ट भेजनी होगी।

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