जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की 174 सदस्यीय नई कार्यकारिणी घोषित

बिलासपुर । प्रदेश में तेज़ी से बढ़ते कोरोना महामारी के संकट को ध्यान में रखते हुए हिंदू नववर्ष (चैत्र नवरात्रि) और रमज़ान शरीफ़ की पूर्व संध्या के शुभ दिन को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने अजीत जोगी के स्वर्गवास के बाद भंग किए गए संगठन का पुनर्गठन कर दिया है। पार्टी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारी को कोरोनाकाल में ज़रूरतमंदों की हरसंभव मदद करने का आह्वान किया ताकि कोई भी प्रदेश वासी को भूखा न सोना पड़े।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) में 174 सदस्यों की प्रदेश कार्यकारिणी (32 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 10 विभाग अध्यक्ष, 1 मुख्य प्रवक्ता, 11 महासचिव, 2 संभागीय कोर कमिटी अध्यक्ष, 5 संभागीय कोषाध्यक्ष, 5 संभागीय प्रवक्ता, 11 संयुक्त-महासचिव, 71 सचिव और 23 संगठन-मंत्री), 38 ज़िला अध्यक्ष और 9 नवगठित ‘अजीत जोगी मोर्चा संगठन’ के 39 पदाधिकारी बनाए गए है जिनकी कुल संख्या 250 है। प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने बताया कि राष्ट्र का सबसे नवोदित क्षेत्रीय दल होने के नाते हमने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर रेणु जोगी और विधायक दल के नेता धरमजीत सिंह के मार्गदर्शन में ‘देश का सबसे युवा और सबसे शिक्षित राजनीतिक संगठन’ बनाने का प्रयास किया है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) में प्रदेश के सभी क्षेत्रों के अनुसूचित जाति, जनजाति, अति-पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अन्य दलों की अपेक्षा 75त्न अधिक महत्व दिया गया है। साथ ही जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) में वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं के बीच संतुलन भी रखा गया है। स्वर्गीय अजीत जोगी जी की 75वीं जयंती 29.4.21 को ‘अनुग्रह’ में विधिवत पद की शपथ, नियुक्ति पत्र और छत्तीसगढ़-वंदन के साथ उनकी प्रथम पुण्यतिथि 29.5.21 तक का एक महीने का ‘सुरता जोगी माह’ का शुभारंभ किया जाएगा।
अमित ने कहा कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) प्रदेश के सभी रोजग़ार में छत्तीसगढिय़ों को 100त्न आरक्षण, मैदानी इलाक़ों में पूर्ण शराबबंदी, किसानों को एकमुश्त ?2500 समर्थन मूल, सभी संविदा कर्मचारियों का नियमितिकरण, ?2500 मासिक बेरोजग़ारी भत्ता, विकलांगों और वृद्धों को ? 1500 मासिक पेन्शन दिलवाने और नासूर की तरह फैल रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ़ स्वतंत्र और सशक्त लोकपाल क़ानून लागू करवाने के उद्देश से 7-सूत्री ‘छत्तीसगढ़ स्वराज’ जनांदोलन करेगा ताकि 2023 में छत्तीसगढ़ को ‘हाफ़-टाइम की जगह फ़ुल-टाइम मुख्यमंत्री’ मिले जिसका ‘हाई-कमांड’ दिल्ली के नेता नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता रहे। यही संगठन की अपने संस्थापक स्वर्गीय अजीत जोगी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
