जयपुर में को-वैक्सीन का 500 लोगों पर किया गया ट्रायल, स्पुतनिक-वी का जल्द शुरू होगा परीक्षण

जयपुर । राजस्थान में कोरोना के स्वदेशी टीके को-वैक्सीन का 500 वॉलिंटियर्स पर परीक्षण किया जा चुका है। जिन लोगों को यह वैक्सीन लगाई गई है, उनमें युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक सभी आयुवर्ग के लोग शामिल हैं। रूस की स्पुतनिक वैक्सीन का भी जल्द जयपुर में ट्रायल शुरू किया जाएगा। मरुधरा में कोरोना का पहला मरीज 2 मार्च को मिला था। मुश्किलों के नौ महीने बीतने के बाद अब जाकर लोगों को राहत की उम्मीदें नजर आने लगी है। एक ओर जहां प्रदेश में धीरे-धीरे कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी आने लगी है, वहीं अलग अलग वैक्सीन के आने की खबरों से कोरोना के खत्म होने की उम्मीदों को बल मिला है। राजस्थान में स्वदेशी को-वैक्सीन का अब तक 500 वॉलिटिंयर्स पर ट्रायल किया जा चुका है।
भारत बायोटेक द्वारा आईसीएमआर और पुणे वायरोलॉजी लैब के साथ मिलकर तैयार की गई इस वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल के लिए युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक आगे आ रहे हैं। प्रदेश की राजधानी जयपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहे ट्रायल में कई लोग आगे बढ़कर वॉलिंटियर्स बनने के लिए सहमति दे रहे हैं।
डॉ मनीष जैन के अनुसार को-वैक्सीन के तीसरे फेज के लिए ट्रायल में हर वॉलिंटियर्स को दो डोज लगाना आवश्यक है। चिकित्सकों को कहना है कि एक डोज लगाने के बाद भी कोरोना से बचाव करना आवश्यक है। वैक्सीन की डोज लगाने के करीब 30 दिन बाद शरीर में एंटीबॉडीज बनती है। ऐसे में पहली डोज लगाने के बाद भी एहतियात बरतना जरूरी है। अच्छी बात यह है कि 500 वॉलिटिंयर्स पर ट्रायल होने के बाद अभी तक किसी में भी साइड इफेक्ट नहीं दिखाई दिया है।
को-वैक्सीन की ट्रायल के बीच एक और अच्छी खबर है कि राजधानी में रूस की स्पुतनिक वैक्सीन के करीब 100 डोज जयपुर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि इस वैक्सीन के ट्रायल के लिए अनुमति मिलते ही स्पुतनिक की भी ट्रायल जयपुर में शुरू हो जाएगा। को-वैक्सीन के राजधानी में कुल एक हजार टेस्ट होने हैं। बताया जा रहा है कि देश के अलग अलग हिस्सों में ट्रायल का दौर जारी है। शुरुआती तौर पर इस वैक्सीन के अभी तक साइड इफेक्ट की शिकायत नहीं आई है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही कोरोना की वैक्सीन आने के बाद ये लंबा और कठिन वक्त खत्म हो जाएगा।
