जरा सी चूक और फिर सील होगा इंदौर, जानिए कलेक्टर का क्या है मूड, क्यों की ये अपील

इंदौर. इंदौर शहर को भले ही अनलॉक कर दिया गया हो, लेकिन प्रशासन किसी भी तरह की चूक को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं दिख रहा. कलेक्टर मनीष सिंह ने साफ कह दिया है कि अगर किसी भी दुकानदार ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया, तो दुकान सीधे सील कर दी जाएगी. इसलिए दुकानदार दुकान के बाहर गोले लगाएं, मास्क पहनें और कोविड गाइडलाइन का पालन करें.

इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने दुकानदारों से कहा है कि कुछ दिन हमारी टीम गोले बनाने में मदद करेगी. उनका सहयोग करें. अगर कोरोना अनलॉक में दुकानदार सख्त नहीं हुए तो हमें सख्ती करनी होगी. यदि किसी गतिविधियों में ज्यादा उल्लंघन पाया जाता है तो इसे पूरा बंद कर दिया जाएगा.

15 जून तक एमपी में ज्यादा खतरा- स्टडी

मध्य प्रदेश में भले ही 1 जून से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी गई हो, लेकिन अभी भी यह वक्त असावधान रहने का है. प्रदेश में कोरोना मरीजों को लेकर अलग-अलग एक्सपर्ट संस्थानों की रिपोर्ट सामने आई है. उसमें बताया गया है कि आने वाले दिनों में भी कोरोना के नए केस सामने आते रहेंगे. ऐसे में यह जरूरी है कि लोग पूरी सावधानी बरतें. आइए आपको बताते हैं कि आखिरकार प्रदेश में अनलॉक के दौरान किस एक्सपर्ट संस्थान ने कोरोना मरीजों का क्या अनुमान बताया है?

रोज 1500 के आने की आशंका

आईआईटी कानपुर और हैदराबाद की एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि 15 जून तक एमपी में कोरोना के 1500 केस रोज आने का अनुमान है. सेंटर फॉर मैथमेटिकल मॉडलिंग फॉर इनफेक्शियस डिजीज का अनुमान है कि 15 जून तक राज्य में नए केस की संख्या 500 से 1400 तक रह सकती है. इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवेलुएशन की स्टडी के मुताबिक अगर मास्क पहनने के नियम का शत-प्रतिशत पालन हुआ तो 1 सितंबर तक केसों की औसत संख्या 2400 प्रतिदिन रहने का अनुमान है. आपको बता दें कि अनलॉक प्रक्रिया के तहत प्रदेश में 15 जून तक शर्तों के साथ कोरोना कर्फ़्यू में छूट दी गयी है.
 

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