जान जोखिम में डाल बच्चे जा रहे स्कूल, 5 सीटर वैन में भर रहे 12- 16 बच्चे

फरीदाबाद । शहर में हर रोज स्कूल जाने के लिए मासूमों को अपनी जान पर खेलना पड़ रहा है। यहां बच्चों को स्कूल ले जाने वाली 5 सीटर वैन में 12-16 बच्चे भरे जा रहे है। बुधवार को ट्रैफिक पुलिस कर्मी शहर ने जहां भी स्कूली बच्चों को ले जा रही वैन को रोका, कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। आगे की सीट पर बैठे दो बच्चे और असुरक्षित तरीके से पीछे लगे सीएनजी सिलिंडर बैठे बच्चे किसी बड़े बम पर बैठे लग रहे थे। लेकिन मासूम बच्चों इस बात से अंजान है कि स्कूल आने जाने का उनका सफर कितना खतरनाक है। मंगलवार को सेक्टर-13 एस्कॉर्ट्स मोड़ पर हुए हादसे के बाद बुधवार को ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाए गए अभियान में ज्यादातर स्कूली वैन मानकों के हिसाब से नहीं मिली। इस दौरान पुलिस ने शहर में 139 वैन, ऑटो, स्कूल बस के चालान काटे। यह चालान स्कूलों की छुट्टी के बाद दोपहर 1 बजे के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रहे वाहनों के किए गए। वहीं 8 वैन ऐसे भी मिले जिनके चालक ड्राइविंग लाइसेंस और दस्तावेज नहीं दिखा पाए, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। वैन जब्त करने के बाद पुलिस ने बच्चों को ऑटो में बैठाकर उनके घर भेजा। डीसीपी ट्रैफिक लोकेंद्र सिंह के आदेश पर यह अभियान शहर के बीके चौक, प्याली चौक, अजरौंदा चौक, ओल्ड फरीदाबाद और सेक्टर-15 एरिया में चलाया गया।
पुलिस ने ओल्ड फरीदाबाद चौक पर 20 वैन का चालान किया, जिनमें से ज्यादातर स्कूल वैन में 12 से 16 तक बच्चे बैठाकर वैन चालक घर छोड़ने जा रहे थे। इनमें अधिकतर बच्चे एनआईटी के स्कूल में पढ़ने वाले थे, जो ओल्ड फरीदाबाद के निवासी हैं। अजरौंदा चौक पर ट्रैफिक पुलिस ने 30 वैन का चालान करते हुए दो वैन जब्त कर खड़ी करवाईं। वहीं, अचानक शुरू हुई कार्रवाई की खबर वैन चालकों को लगी तो वह नीलम चौक से नीलम-बाटा रोड से होकर बाटा आरओबी से निकलने लगे। इस पर पुलिसकर्मी सेक्टर-12 मोड़ पर पहुंचे, जहां पर भी 8 स्कूल वैन का चालान हुआ। ट्रैफिक थाना के प्रभारी एसएचओ इंस्पेक्टर जय कुमार ने बताया कि स्कूल वैन के अलावा स्कूल बस भी चेक की गई। 77 स्कूल बस के चालान मानक न पूरे करने पर हुए। बस के चालान ज्यादातर बाईपास रोड, सेक्टर-12 खेल परिसर रोड पर किए गए। शहर के अंदर भीड़-भाड़ वाले चौराहों पर बस नहीं रोकी गई। पुलिस ने स्कूली बच्चों को घर छोड़ने जा रही वैन का चालान ओवर स्पेस लोड में काटे। इसमें जिन वैन का पहला चालान था, उनको 100 रुपये वहीं जिनका पहले चालान कट चुका है, उन वैन चालकों को 400 रुपये का चालान भुगतना पड़ा।
