जालना लोकसभा सीट: BJP-शिवसेना में इस सीट को लेकर था विवाद

महाराष्‍ट्र की जालना लोकसभा सीट बीजेपी और शिवसेना के लिए खास मायने रखती है. यही वजह है कि गठबंधन में लोकसभा चुनाव लड़ रहीं दोनों के पार्टियों के बीच यह सीट विवाद का कारण बन गई. जालना लोकसभा सीट पर बीजेपी महाराष्‍ट्र के अध्‍यक्ष राव साहेब दानवे पिछले चार बार से सांसद हैं. लगातार मिल रही जीत के बाद बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2019 में भी राव साहेब को ही इस सीट से उम्‍मीदवार बनाने का फैसला किया. लेकिन उसी दौरान शिवसेना के अर्जुन खोटकर ने ऐलान किया कि वह इस सीट से चुनाव लड़ेंगे. इससे बीजेपी और शिवसेना के बीच मतभेद उभर आए. कई दौर की बैठकों के बाद जैसे-तैसे खोटकर को समझाया और बीजेपी उम्‍मीदवार का समर्थन करने के लिए राजी किया. आखिरकार खोटकर ने अपना फैसला वापस लिया और राव साहेब दानवे को समर्थन देने को तैयार हुए.

लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी की ओर से चार बार कि विजेता राव साहेब दानवे को ही फिर मैदान में उतारा गया है. जबकि कांग्रेस ने औताड़े विलास केशवराव को अपना उम्मीदवार बनाया है. इनके अलावा बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने महेंद्र कचरु सोनवणे को टिकट दिया है. वहीं वंचित बहुजन आघाड़ी से शरदचंद्र वानखेड़े और बहुजन मुक्ति पार्टी से फिरोज अली चुनाव मैदान में हैं. इनके अलावा 10 निर्दलीय उम्मीदवार भी दावेदारी पेश कर रहे हैं. हालांकि मुख्‍य लड़ाई बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही है.

पिछले 6 चुनावों से यहां बीजेपी का कब्‍जा है. पिछले 6 चुनावों से यहां बीजेपी का कब्‍जा है.

इस सीट पर तीसरे चरण में 23 अप्रैल को चुनाव हुए हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक, इस संसदीय सीट पर 64.55% वोटिंग दर्ज की गई जो कि 2014 के आम चुनाव में 66.15% थी.  23 मई को इसका चुनाव परिणाम आना है.

जहां तक इस सीट के इतिहास की बात है तो 1992 से लेकर 1971 तक यह सीट कांग्रेस के पास रही. 1977 में जनता दल के पुंडरीक दानवे ने कांग्रेस प्रत्‍याशी को हराकर जीत दर्ज की. इसके बाद फिर कांग्रेस ने 1980 और 1984 में सीट जीती. हालांकि 1989 में फिर पुंडरीक हरि दानवे ने सीट अपने नाम की. इसके बाद 1996 से लेकर 2014 तक यह सीट लगातार बीजेपी के पास ही है. अब 7वीं बार बीजेपी इस सीट पर जीत की उम्‍मीद कर रही है.

इस सीट पर इस बार भी कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही मुकाबला है. इस सीट पर इस बार भी कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही मुकाबला है.

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पिछले लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की जालना लोकसभा सीट से बीजेपी के रावसाहेब दानवे ने कांग्रेस के औताड़े विलास केशवराव को शिकस्‍त दी थी. राव साहेब दानवे को 5,91,428 वोट मिले थे तो वहीं विलास केशवराव को सिर्फ 3,84,630 ही वोट हासिल हो सके. यहां तीसरे नंबर पर बसपा रही. वहीं 2009 हो या 2004 राव साहेब दानवे ही चुनाव जीतते रहे हैं.

इस बार दानवे के लिए इस जीत के क्रम को जारी रखना चुनौती होगा. कांग्रेस यहां कई मुद्दों को लेकर बीजेपी पर हमलावर है.

सामाजिक ताना-बाना
जालना संसदीय क्षेत्र में 6 विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें पैठण और जालना सीट पर शिवसेना का कब्जा है. जबकि बद्नापुर, भोकरदन, फुलंब्री विधानसभा सीटों पर बीजेपी विधायक हैं. वहीं सिल्लोड सीट कांग्रेस को हासिल है. 2014 में कुल मतदाताओं की संख्‍या यहां 16,12,056 थी. जिनमें पुरुष वोटरों की संख्या 8,66,612 और महिला वोटरों की संख्या 7,45,444 शामिल है.

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