जिनकी दुकानें बंद हो गईं, वे मुझे कोसेंगे नहीं तो क्या करेंगे: हिमाचल में मोदी

शिमला. नरेंद्र मोदी ने रविवार को हिमाचल प्रदेश के ऊना से कैम्पेन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हिमाचल में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंधी चल रही है। लेकिन चुनाव में मजा नहीं आ रहा। कांग्रेस मैदान से भाग गई है। वे पालमपुर और कुल्लू में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। वहीं कांग्रेस की तरफ से रविवार को पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह 2 रैलियां करेंगे जबकि सोमवार को कैम्पेन की कमान नवजोत सिंह सिद्धू संभालेंगे। बता दें कि हिमाचल में 9 नवंबर को एक फेज में चुनाव है। नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।

20 साल से चुनावों में हिमाचल का सीधा संबंध

– मोदी ने ऊना में कहा, "चुनाव आखिरी दौर में है। यह मेरा तीसरा दिवस है, जब हिमाचल की धरती पर आप सब के दर्शन करने का आपका आशीर्वाद पाने का मौका मिला है। भाइयों बहनों चुनाव हमने बहुत देखे हैं। चुनाव लड़े हैं और लड़वाए भी हैं। हिमाचल के चुनावों से भी जुड़ा रहा हूं। शायद ही कोई ऐसी तहसील हो जहां के चुनावों में मैं नहीं गया होऊं।" 

– "उस वक्त एक वॉलंटियर के नाते आप लोगों की तरह नीचे बैठकर, सभा अच्छे से हो, माइक ठीक से चले ये सब काम मैं देखता था। बाद में गुजरात का मुख्यमंत्री बना तो चुनाव सभाओं में आने का अवसर मिला।"

– "2014 में लोक सभा चुनाव प्रचार के लिए आने का अवसर मिला, अब विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए। 20 साल में एक भी चुनाव ऐसा नहीं गया, जब हिमाचल के किसी चुनाव से मेरा सीधा संबंध नहीं रहा।"

– "यह भी है कि इन बीस साल में मैंने हिमाचल में ऐसा चुनाव नहीं देखा, जैसा इस बार है। साफ पता चल रहा है कि हवा का रुख किस तरफ है। इस बार देख रहा हूं कि हवा का रुख जानने पहचानने की जरूरत नहीं, यहां तो आंधी चल रही है।"

हिमाचल में जनता चुनाव लड़ रही है

– मोदी ने कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ यहां जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। इस बार 18 दिसंबर को हम सब को कहना पड़ेगा, हिमाचल का चुनाव न बीजेपी का नेता लड़ता है न ही कार्यकर्ता और न ही विधायक उम्मीदवार लड़ता है, यहां का चुनाव यहां की जनता लड़ती है।" 

– "लोकतंत्र में जय पराजय होते रहते हैं। यह लोकतंत्र का उत्सव है। मुझे इस चुनाव में एक बात की पीड़ा बनी रहेगी। मजा नहीं आ रहा है। क्योंकि कांग्रेस पार्टी मैदान छोड़कर भाग गई।"

– "देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री कहते थे कि दिल्ली से एक रुपया चलता है लेकिन जनता के पास 15 पैसे पहुंचते हैं। आखिर वो कौन सा पंजा था जो ऐसा करता था।"

आधार से सिलेंडर को जोड़ा

– मोदी ने कहा, "हमने आधार के साथ सिलेंडर को जोड़ा और देश की करोड़ों रुपए की चोरी होने से बचा दी।" 

– "कई जगह पर तो ऐसा नजर आया कि स्कूल में टीचर की तनख्वाह जा रही है, लेकिन न तो टीचर है और न ही इस नाम का कोई व्यक्ति, जब आधार से जोड़ना शुरू किया तो पता चला कि जो पैदा ही नहीं हुए थे तनख्वाह ले रहे थे। लाखों नाम ऐसे कि जो बेटी जन्मी नहीं वह विधवा हो गई और दिल्ली से सब्सिडी का पैसा जा रहा है।"

– "आपको प्रसन्नता होगा कि आप हिमाचल के लोगों ने लोकसभा की सीटें जिताकर मोदी को प्रधानमंत्री बनाया। लेकिन काम दम से करना है।" 

– देश 57 हजार करोड़ रुपए मेरे प्यारे भाइयों बहनों 57 हजार करोड़ रुपए जो बिचौलिए खा जाते थे, मोदी ने यह बंद कर दिए और यह रुपए देश की गरीब जनता तक पहुंचने लगे। लोगों को लगता है कि मोदी इतना भाग-दौड़ करता है मेहनत करता है विपक्षी दल हर मामले में मोदी को जिम्मेदार ठहराते हैं।" 

– "घर में बिजली नहीं आई मोदी जिम्मेदार, बारिश नहीं हुई मोदी जिम्मेदार। इसका सीधा-सीधा कारण है कि यह 57 हजार करोड़ रुपए जिनकी जेब में जाता था, उनकी दुकान बंद हो गई तो वह मोदी को कोसेगा नहीं तो क्या करेगा।"

देश का हर नागरिक मेहनत की कमाई चाहता है

– मोदी ने कहा, "भाइयों बहनों सवा सौ करोड़ देशवासी आजादी के 70 साल हो गए कब तक इंतजार करेंगे। पीने का पानी मिले, बच्चों को अच्छी पढ़ाई मिले, युवाओं को कमाई हो, बुजुर्गों को दवाई हो।" 

– "हिंदुस्तान का कोई नागरिक नहीं कहता मेरे घर में कार रख दे, मेरी छत सोने की बना दे, वह बस अपने मेहनत की कमाई चाहता है। हम उनकी आकांक्षाओं आशाओं को पूरा करने की कोशिश करते हैं।"

– "आपको याद है कि ऊना हमीरपुर रेल लाइन, याद नहीं है न? यह सरकार आने के बाद पुरानी घोषणाएं हुईं, लेकिन एक पैसा बजट नहीं डालेगा नहीं, उसके नाम पर चुनाव लड़े। सरकारें आईं और चली गईं। मैंने देखा कि बातें तो बहुत हुई कुछ नहीं हुआ। मैंने यह काम शुरू किया। हिमाचल में अगर हमें टूरिज्म को बनाना है तो हिमाचल को रेल कनेक्टिविटी, एयर कनेक्टिविटी रोड कनेक्टिविटी भारत सरकार जितना कर सकती है उतना कर रही है।"

– "टूरिज्म बढ़ता है तो रोजगार बढ़ता है, गरीब की कमाई होती है। हिमाचल में जब धूमल जी की सरकार थी और दिल्ली में अटल जी की सरकार थी तब टूरिज्म को इतना बढ़ावा दिया कि हिमाचल टूरिज्म डेस्टिनेशन में टॉप पर आ गया था। एक बार फिर ऐसा मौका आया है। दिल्ली में बीजेपी की सरकार और हिमाचल में भी बीजेपी की सरकार बनाकर एक नई ऊंचाई पर ले जाने का तैयार है।"

जीएसटी ने ट्रकों की लाइन खत्म की

– मोदी ने कहा, "सरकार पहले भी थे, अफसर पहले भी थे, मुलाजिम पहले भी थे, लेकिन तब इस देश में गांवों को जोड़ने वाले रोड 80 हजार किलोमीटर बनती थे, मोदी के आने के बाद 1.20 लाख किलोमीटर कैसे बनी? पहले एक दिन में जितने राष्ट्रीय राजमार्ग बनते थे, आज उससे डबल बनते हैं, जितनी रेल लाइन लगती थी, आज डबल लगती है।"

– "हमारे देश का भविष्य एक ही बात पर निर्भर करता है कि हम विकास को प्राथमिकता कैसे दें? हर दिशा में विकास कैसे करें, गरीब से गरीब तक विकास कैसे पहुंचाएं, युवा पीढ़ी की तरक्की के लिए विकास कैसे करें इसलिए हमारी कोशिश यही है कि देश में विकास पर ही चर्चा होनी चाहिए। हमने जीएसटी लागू किया। इस देश के किसी भी व्यापारी ने किसी भी व्यापारी संगठन ने कभी भी विरोध नहीं किया है।" 

– "पहले चुंगी नाके हुआ करते थे, घंटों तक ट्रकों को खड़े रहने पड़ता था, जीएसटी की वजह से दो दिन में पहुंचने वाला ट्रक दो घंटे में पहुंचने लगा है।"

बोफोर्स घोटाले के बाद राजीव गांधी को मि. क्लीन कहना बंद कर लिया गया

– "भगवान ने सारी बुद्धि दिल्ली वालों को दी है, मैं ऐसा नहीं मानता। हिंदुस्तान के हर नागरिक के पास समझ है, इसिलए मैंने कहा था कि तीन महीने में अनुभव देखेंगे, देश के किसी भी कोने में कठिनाई होगी हम देखेंगे। पिछले दिनों जीएसटी काउंसिल की बैठक में व्यापारिक जगत से जो समस्याएं आईं उनका हमने समाधान कर दिया। कुछ फिर भी रह गईं, इसकी वजह यह कि कुछ राज्य की सरकारों ने विरोध किया। तब राज्यों की कमेटियां बनाईं।"

– "आने वाली 9 तारीख को जीएसटी काउंसिल की मीटिंग होने वाली है। इसमें जीएसटी के बचे हुए कामों को भी पूरा कर दिया जाएगा। फिर भी कोई काम रह जाएगा तब अगली मीटिंग में उस पर चर्चा की जाएगी।"

– "चीजें थोपी नहीं जातीं, सब से चर्चा करके देश की भलाई में उत्तम से उत्तम निर्णय हो यह सरकार वो प्रयास करती है।" 

– "हमारे देश में बनामी संपत्ति, उसकी चर्चा राजीव गांधी करते थे। उन्हें मिस्टर क्लीन कहते थे, लेकिन बोफोर्स का ऐसा मामला आया कि कांग्रेस ने उन्हें मिस्टर क्लीन कहना बंद कर दिया। देश में बेनामी संपत्ति की बीमारी ऐसी फैल गई थी कि किसी मध्यमवर्गीय को मकान बनाना हो तो कृत्रिम बाजार बना दिया गया था, जिससे महंगाई बढ़ गई"। 

– "पार्लियामेंट में चर्चा करके अखबार में छपवाकर क्रेडिट तो ले लिया, लकिन जब इस लागू करने की बारी आई तो इसे 20 साल तक ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्हें लगा कि इसमें तो हम ही फंस जाएंगे। मैंने इसे निकाला और नए सिरे से इसे और टाइट करवाया।"

देश का लूटा माल वापस आना चाहिए

– "जिन्होंने देश को लूटा है, देश का लूटा माल वापस आना चाहिए। इसलिए आठ नवंबर रात को बारह बजे, 500-1000 के नोट गायब हो गए। आपके भी गए होंगे, लेकिन आप पर मोदी पर नाराज होते हो क्या, लेकिन कुछ अभी भी नहीं भूल पा रहे हैं। बोरियां की बोरियां चली गईं। बैंक में नाम के साथ लिखवाना पड़ा। कश्मीर के आतंकवादियों के पास ये नोट कहां से आते हैं, पता नहीं चलता।" 

– "कश्मीर की जनता हमारे साथ हो गई। क्योंकि पता चला कि पैसा तो पाकिस्तान से आता है और मलाई 5-6 लोग खा रहे हैं।"

– "हर दिन पत्थरबाजी होती थी। हिमाचल के मेरे जवान कश्मीर की रक्षा में सीना तानकर खड़े थे। अब कांग्रेस पार्टी ब्लैक डे मनाने रही है तो यह देश एंटी ब्लैकमनी डे मनाकर रहेगा। वे यह दबाव बनाना चाहते हैं कि मोदी और आगे कुछ न करे। लेकिन जिन्हेांने देश को लूटा है उन्हें जवाब देना होगा।"

– "मोदी ने देश की तीन लाख कंपनियां बंद कर दीं कहीं विरोध नहीं हुआ, क्योंकि ये कागजों पर थीं।"

– "अभी तो हमारी टीम ने 5000 का सैम्पल टेस्ट किया। इनमें चार हजार करोड़ का काला कारोबार पता लगा है। अभी तो 5000 का किया है, तीन लाख का टेस्ट होगा तो क्या होगा?"

 

राहुल गांधी अभी तक कैम्पेन के लिए नहीं पहुंचे

– हिमाचल में चुनाव की तारीख के एलान के बाद राहुल गांधी ने अभी तक राज्य में एक भी रैली नहीं की है। अब मतदान से तीन दिन पहले उनका हिमाचल आने का प्रोग्राम बन रहा है। राहुल 6 नवंबर को 3 रैलियां करेंगे। उनकी चुनावी रैली नाहन के पावंटा, चंबा और कांगड़ा के नगरोटा में होंगी।

हिमाचल इलेक्शन का शेड्यूल

वोटिंग: 9 नवंबर

नतीजे: 18 दिसंबर

कुल सीटें: 68

अब तक राज्य में राजपूत और ब्राह्मण कम्युनिटी से ही बने हैं सीएम

– प्रदेश में 35% राजपूत हैं। इसके बाद ब्राह्मण कम्युनिटी की 19 से 20% वोट हैं। प्रदेश में अब तक पांच सीएम राजपूत बने। सिर्फ शांताकुमार ही ब्राह्मण कम्युनिटी के सीएम बने।

– बीजेपी ने दो बार सीएम रह चुके प्रेम कुमार धूमल को सीएम कैंडिडेट बनाया है। वहीं, इस चुनाव में कांग्रेस वीरभद्र सिंह के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है। दोनों पांचवीं बार सीएम के तौर पर आमने-सामने हैं। इससे पहले 1998, 2003, 2007 और 2012 में ये दोनों अपनी-अपनी पार्टी से मैदान में थे।

हिमाचल में 27 साल में 60 से ज्यादा सीटें किसी पार्टी को नहीं मिलीं

साल कांग्रेस भाजपा अन्य

1990 9 46 13

1993 52 8 8

1998 31 31 6

2003 43 16 9

2007 23 41 4

2012 36

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