जिला जज ने सुनाया फैसला, 27 पेड़ काटने की एवज में 4 आरोपी 270 पौधे लगाएं तो मिलेगी जमानत

 प्रतापगढ़। जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेंद्र कुमार शर्मा ने जिले के गंधेर क्षेत्र में गत 20 मार्च को वन क्षेत्र में 27 पेड़ काटने वाले चार आरोपियों बजरंगगढ़ निवासी रामा उर्फ रामलाल तेली, जसवंत धोबी, दिनेश तेली और मोहम्मद हुसैन को जमानत की एवज में काटे गए पेड़ों के 10 गुना आंवले के 270 पौधे एक महीने में लगाने और उनकी सुरक्षा की जवाबदारी लेने का अनूठा फैसला दिया है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सुनाया गया ये फैसला लोगों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। प्रतापगढ़ कोतवाली थाने में वन विभाग के अधिकारी की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर वन क्षेत्र में पेड़ काटने पर 7 व्यक्तियों के खिलाफ वन अधिनियम की धारा 41, 42, भादसं की धारा 379 और धारा 3 पीडीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।  मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने चार आरोपियों बजरंगगढ़ निवासी रामा उर्फ रामलाल तेली, जसवंत धोबी, दिनेश तेली और मोहम्मद हुसैन को गिरफ्तार किया था। इन चारों आरोपियों द्वारा जमानत के लिए पेश किए गए आवेदन की सुनवाई के दौरान जिला जज ने पर्यावरण के प्रति सजगता का संदेश दिया। उन्होंने आदेश में कहा कि आरोपियों ने वन विभाग की ओर से बड़ी राजकीय राशि खर्च कर लगाए गए खेर के पेड़ों का संरक्षण और पालन पोषण करते हुए बड़ा किया गया था। आरोपियों ने इन्हें काटकर आपराधिक उद्देश्य से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया।  जिला जज शर्मा ने आरोपियों को 27 पेड़ों की एवज में 270 आंवले के पौधे लगाने की सजा तो सुनाई ही, साथ ही एक माह में पौधारोपण करने के बाद लगाए गए पौधों के फोटो भी कोर्ट में पेश करने होंगे। वन विभाग की टीम भी इन पौधों का मौका निरीक्षण कर कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी, ताकि आरोपी पर्यावरण संरक्षण के लिए दी गई सजा का निर्वहन कर रहे या नहीं इसका भी पता लग सके। आरोपी रामा उर्फ रामलाल को अपनी खुद की आराजी में एक महीने की अवधि में कुल 270 आंवले के पौधे लगाकर उनकी जीपीएस फोटोग्राफी करते हुए कोर्ट में यह तस्वीर दिखानी होगी।  अपने फैसले में जिला जज शर्मा ने आरोपियों को पेड़ लगाने की सजा सुनाने के साथ ही तीन महीने के अंतराल में पेड़ों के जीवित होने के प्रमाण भी जीपीएस के माध्यम से जिला कोर्ट में पेश करने होंगे। इन पेड़ों की जीवित होने की सूचना वन विभाग को देनी होगी। वन विभाग अधिकारियों को भी निगरानी रखकर इसकी रिपोर्ट कोर्ट में बनाकर देनी होगी।  क्षेत्रीय वन अधिकारी के अनुसार गत 20 मार्च को वन क्षेत्र में लकड़ी कटाई होने की सूचना पर वन विभाग की टीम गंधेर राडी के पास पहुंची थी। वहां 7 व्यक्ति वृक्षारोपण की खाई को खुर्द-बुर्द करते हुए 1997 में लगाए गए कटे हुए पेड़ों के साथ पकड़े गए। नाम पूछने पर आरोपी ने अपना नाम दिनेश बताया। वन विभाग की टीम ने मौके से हैंड कटर, काटने के औजार और लकड़ी के कटे हुए टुकड़े ट्रोली में भरे पाए जाने पर जब्त किए थे। 
जज शर्मा के ये फैसले भी रहे थे चर्चा में 
1. जिला जज शर्मा ने पिछले सप्ताह आम्र्स एक्ट के एक मामले में कलेक्टर के सुनवाई में मौजूद नहीं रहने के कारण आरोपियों के बरी हो जाने पर प्रदेश के मुख्य सचिव को भी पत्र लिख चुके हैं।  2. पुलवामा में शहीद हुए प्रदेश के पांच जवानों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की पहल करने और राजसमंद के शहीद के पुत्र-पुत्री को गोद लेकर शिक्षा दिलाने की जिला जज की घोषणा की भी सराहना हुई थी। 3. शर्मा पहले भी पर्यावरण के साथ हो रहे खिलवाड़ और शहर के बीच चल रहे ईंट भट्टों को लेकर भी नगर परिषद प्रतापगढ़ को फटकार लगा चुके हैं। 5 जुलाई 2018 को लोक अदालत में दर्ज परिवाद पर तल्ख टिप्पणी करते हुए परिषद आयुक्त को शहर के हालात सुधारने के भी निर्देश दिए थे। जिला जज ने आयुक्त को शहर में सफाई व्यवस्था नहीं सुधारने और ईंट भट्टों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर जेल भेजने तक की बात भी टिप्पणी में कही थी।

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