डॉक्टरों की लापरवाही, सड़क दुर्घटना में घायल लोगों का नहीं किया घंटो तक इलाज

दूदू: सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं (Health services) का कितना बुरा हाल है इसके बारे में आम जनता पहले से ही जानती है. हाल ही में ऐसा एक ओर मामला दूदू में देखने को मिला. दूदू के कांकराला गांव में अनियंत्रित ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई. हादसे (Accident) में एक दर्जन से ज्यादा घायल हुए लोगों को ग्रामीणों ने जैसे-तैसे दूदू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Dudu Community Health Center) भेजा. इस हादसे की सूचना मिलने पर घायलों के लोग भी अस्पताल पहुंच गए लेकिन अस्पताल में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था और लोग घायलों के उपचार के इधर-उधर भटकते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.
इधर घायलों का तेजी से खून बह रहा था और वो कई घंटों तक दर्द में तड़पते रहे. उनकी स्थिति बिगड़ती देख मौजदू लोगों ने स्टाफ से गुहार लगाई लेकिन धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर्स नहीं पहुंचे और जो थे वो भी स्टाफ रूम में ठहाके मारते रहे. डॉक्टरों की मरी इंसानियत देखकर तीमारदार मरीजो को लेकर निजी अस्पताल पहुंच गए.
जब घायलों को देखने के लिए डॉक्टर्स नहीं पहुंचे तो एम्बुलेंस कर्मियो ने ही 5 गम्भीर घायलों को जयपुर रैफर कर दिया. यही नहीं एक महिला को मामूली चोट लगने पर प्राथमिक उपचार के बजाय उसे भी रेफर कार्ड थमा दिया. दूदू सरकारी अस्पताल में अव्यवस्थाओं को लेकर हॉस्पिटल में मौजूद डॉक्टर विनीत चौधरी से जब पूरे मामले को लेकर जी मीडिया ने बात चीत की तो डॉक्टर साहब ने ग्रामीणों और मीडिया पर जमकर भड़ास निकाल डाली और ये तक कह दिया कि जनता और मीडिया बेवकूफ बनाते है.
सरकार जहां करोड़ों रुपये लगाकर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के वादे कर रही है. वहीं दूदू का चिकित्सा विभाग सरकार की मंशा पर पानी फेरते दिखाई दे रहा है. अब आखिरकार देखना यह होगा कि यह धरती के भगवान अपनी जिम्मेदारियों को कब बखूबी निभाएंगे या फिर इसी तरह इंसान की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहेंगे.
