तालाब की एफटीएल जीपीएस लोकेशन चिन्हित 

भोपाल । राजधानी के बडे तालाब के वास्तविक फुल टैंक लेवल (एफटीएल) की ग्लोबल पोजीशन सिस्टम (जीपीएस) लोकेशन चिन्हित कर ली गई है। तालाब के एफटीएल के 600 स्थानों पर जीपीएस लोकेशन ली गई हैं। इसे गूगल नक्शे पर भी दर्शाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि जीपीएस लोकेशन चिन्हित होने के बाद तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर तक जो भी निर्माण करेगा उसे आसानी से न सिर्फ पकड़ लिया जाएगा। साथ ही तत्काल इन पर कार्रवाई भी की जा सकेगी। तालाब की वास्तविक स्थिति जानने के लिए बार-बार तालाब की हद नापने की जरूरत भी नहीं होगी। प्रशासन तालाब के किराने हुए अतिक्रमणों की सूची तैयार कर इन्हें नगर निगम के सहयोग से हटाने का अभियान शुरू करेगा। अब तक मुनारों को ही तालाब की सीमा के निर्धारण का जरिया माना जाता था। जिला प्रशासन द्वारा बड़े तालाब के सर्वे में कई मुनारें न सिर्फ गायब मिली थीं, बल्कि कार्रवाई से बचने के लिए इन्हें पीछे करने की बात भी सामने आ चुकी है। 
    जीपीएस लोकेशन आने के बाद मुनारों से होने वाली छेड़छाड़ का मतलब नहीं निकलेगा। तालाब के एफटीएल में यदि कोई मिट्टी डालकर वहां अतिक्रमण करता है तो वह आसानी से चिन्हित हो सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि बड़े तालाब में मिलने वाले जल स्रोतों से पानी के साथ मिट्टी व गाद भी आती है। इसके समाधान के लिए चेकडैम का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए सघन वन के लिए पौधारोपण की प्लानिंग भी की गई है। कैचमेंट एरिया में कृषि भूमि पर केमिकल व रासायनिक खाद के उपयोग को बंद करने के लिए किसानों को शिविर के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर तरुण पिथोडे का कहना है कि बड़े तालाब के संरक्षण के लिए हम हर स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। तालाब का वास्तविक दायरे का सर्वे भी किया गया है। जीपीएस लोकेशन का काम भी पूरा कर लिया गया है। नियमों के खिलाफ हुए निर्माणों को हटाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।
 

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