दर्दनाक घटना:भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में 2 साल के मासूम की मौत;

दर्दनाक घटना:भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में 2 साल के मासूम की मौत; माता-पिता रात भर इकलौते बेटे के शव को रखे रहे, सुबह परिजनों को बताया
 

कोलार पुलिस बच्चे की मौत को संदिग्ध मानकर चल रही है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में है।
पुलिस को बोले- खेलते समय बेटे के ऊपर पानी का डिब्बा गिर गया था
मामला संदिग्ध- पुलिस को घटना स्थल और बयान में समानता नहीं मिली

दो साल के एक मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में घर में मौत हो गई। हैरानी की बात तो यह है कि माता-पिता रात भर इकलौते बेटे को अपने घर में ही रखे रहे और किसी को कुछ नहीं बताया। घटना के करीब 14 घंटे बाद उन्होंने परिजनों को बताया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। बच्चे के मां-बाप का कहना है कि खेलते समय बच्चे के ऊपर पानी से भरा डिब्बा गिर गया था। हालांकि पुलिस को मौके से पानी के ज्यादा बहने जैसे सबूत नहीं मिले हैं, ऐसे में पुलिस मामले को संदिग्ध मानकर चल रही है।

कोलार रोड निवासी 28 वर्षीय रवि अहिरवार ने बताया कि उनकी बहन रोशनी पारवे पत्नी विनोद पारवे कोलार के बांसखेड़ी में रहती हैं। सुबह करीब 8:30 बजे रोशनी उनके पास आई और बोली कि भैया भैयू मेरे बेटा आर्यन पारवे खत्म हो गया है। मैं बहन के साथ तत्काल उसके घर पहुंचा, तो आर्यन जमीन पर मृत पड़ा हुआ था। रोशनी और विनोद ने बताया कि कल शाम यानी गुरुवार शाम को 6 बजे घर में खेलते समय बेटे के ऊपर पानी से भरा डिब्बा गिर गया था, जिसके बाद वे उसे अस्पताल ले गए थे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि उसने यह नहीं बताया कि रात में ही उसने किसी को इसके बारे में क्यों नहीं बताया। रवि ने तत्काल कोलार पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी।

माता-पिता ने यह बताई कहानी संदिग्ध

कोलार पुलिस के अनुसार रोशनी का कहना है कि गुरुवार शाम वह घर से बाहर चली गई थी और कुछ देर बाद उनके पति विनोद भी घर पर बेटे को छोड़कर निकल गए थे। उस दौरान आर्यन घर के अंदर पानी से भरे डिब्बे के पास खेल रहा था। घर में लाइट भी नहीं थी। थोड़ी देर बाद जब शाम 6 बजे विनोद घर के अंदर पहुंचे, तो बेटा डिब्बे के नीचे दबा हुआ था। वह बेसुध था। उसके मुंह में पानी भरा था।

मामला संदिग्ध मान रही पुलिस

पुलिस इस पूरे मामले को संदिग्ध मान रही है। पुलिस के अनुसार मौके पर डिब्बे से अधिक मात्रा में पानी बह जाने के सबूत नहीं मिले हैं। सबसे बड़ा सवाल कि 2 साल का बच्चा इतना भरा डिब्बा कैसे गिरा सकता है। अब तक की जांच में घटनास्थल और परिजनों के बयान मेल नहीं खा रहे हैं। हालांकि घटना कैसे और कब हुई, अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में पुलिस अब आसपास के लोगों के साथ ही अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है।

संदेह की वजह

डिब्बा मासूम के ऊपर ही कैसे बना रहा?
मासूम के मुंह में पानी कैसे भर गया?
घर पर दो साल के बेटे को अकेला छोड़कर माता-पिता कैसे चले गए?
घर में लाइट नहीं थी, तो बेटे को अकेला क्यों छोड़ा?
आखिर रात को ही माता-पिता ने बेटे की मौत की खबर पुलिस को क्यों नहीं दी?

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