दवाओं मे हेराफेरी कर किया 15 लाख का गबन, चार सौ बीसी का मामला दर्ज

भोपाल। राजधानी के निशातपुरा थाना इलाके मे भानपुर मे स्थित पीपुल्स अस्पताल में 15 लाख रुपए की दवा की धोखाधड़ी कर गबन करने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि अस्पताल के मेडिकल स्टोर पर पिछले एक साल से दवाइयों की हेराफेरी की जा रही थी। दवाएं दुकान से बेची तो जा रही थीं, लेकिन उसका पैसा अस्पताल प्रबंधन को नहीं भेजा रहा था। गड़बड़ी का संदेह होने पर जब ऑडिट कराया गया तो सामने आया कि ग्यारह महीनों में करीब 15 लाख रुपए की दवाइयों का गबन कर दिया गया है। हेराफेरी पकड़ में न आए इसके लिए फर्जी कागजात भी बनाए जा रहे थे। पुलिस ने जॉच के बाद पॉच आरोपियो के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है। वही प्रकरण दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी कर्मचारी अपने-अपने घरों से गायब हो गए हैं। निशातपुरा पुलिस ने बताया कि करोंद स्थित पीपुल्स यूनीवर्सिटी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी राजकुमार दुबे ने पिछले दिनों एक शिकायती आवेदन देते हुए बताया कि पीपुल्स अस्पताल परिसर के भीतर ही अस्पताल द्वारा संचालित मेडिकल स्टोर है। फार्मा कंपनियों से आई दवाइयों को पहले स्टोर रूम व बाद में मेडिकल स्टोर में भेज दिया जाता है। जो दवाइयां मरीजों को बेची जाती थी, उसका रिकार्ड मेडिकल स्टोर में रखा जाता है। जबकि यहां पर आने वाली दवाइयों का रिकार्ड स्टोर में रखा जाता है। इसके साथ ही अस्पताल प्रबंधन एक्सपायर दवा को कंपनी को वापस लौटा देता है। जिसका कंपनी अस्पताल को सीधे खाते में भुगतान करती है। इस मामले में एक्सपायर दवा का लंबे समय से एक्सपायर दवा के भुगतान ही खाते में नहीं है। इस मामले में पिछले दिनों प्रबंधन द्वारा जब फार्मा कंपनी द्वारा खरीदी गई दवाओं और मेडिकल से बेची गई दवाओं का मिलान किया गया तो गड़बड़ी किये जाने का शक हुआ। अस्पताल प्रबंधन एक्सपायर दवा को कंपनी को वापस लौटा देता है। जिसका कंपनी अस्पताल को सीधे खाते में भुगतान करती है। इस मामले में एक्सपायर दवा का लंबे समय से एक्सपायर दवा के भुगतान ही खाते में नहीं है। जब इस मामले में पूछताछ और स्टोर की जांच की तो गड़बड़ी सामने आई। अस्पताल प्रबंधन द्वारा दवाईयों के क्रय-विक्रय संबधी काम के ऑडिट करने का जिम्मा डॉक्टर फार्मेसी नाम की फर्म को दे दिया। इस फर्म ने अपनी जांच में पाया कि मेडिकल स्टोर में काम करने वाले कर्मचारी अनुराग, दिनकर, धीरेन्द्र, प्रकाश व हरीश ने दवाओं को बेचते समय पैसों का गबन किया है। उन्होंने मरीजों को दवा बेची लेकिन उसका पैसा अपने पास रख लिया। इस तरह से स्टोर रूम व मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले कर्मचारियों ने संस्था को करीब 15 लाख की चपत लगा दी। जॉच करने वाली फर्म की रिपोर्ट के आधार पर मामले की शिकायत पुलिस को की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियो के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपियों की धरपकड के प्रयास शुरु कर दिये है। पुलिस के अनुसार फरार आरोपी कर्मचारियो की गिरफ्तारी के बाद ही एक्सपायर दवाऐ बेचे जाने के बारे मे पुछताछ की जायेगी।
