दिल्ली का अकबर रोड बना ‘महाराणा प्रताप रोड़’, बजरंग दल ने साइन बोर्ड से की छेड़छाड़

नई दिल्ली दिल्ली में इमारतों, धरोहरों और सार्वजनिक संपत्ति से छेड़छाड़ का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां एक मकबरे को मंदिर में बदलने की बात सामने आई। वहीं दूसरी ओर मुगल बादशाह अकबर के नाम पर रखी गई रोड का नाम बदलने की बात सामने आ रही है।
मामला इंडिया गेट के बगल में अकबर रोड के साइन बोर्ड के साथ हुई छेड़छाड़ का है। दरअसल किसी ने रातों रात अकबर रोड के साइन बोर्ड पर महाराणा प्रताप रोड का पर्चा चिपका दिया है।
बता दें कि दिल्ली के अकबर रोड पर ही कांग्रेस का कार्यालय भी स्थित है। कहा जा रहा है कि यह पोस्टर बजरंग दल वालों ने लगाए हैं। माना जा रहा है कि यह सब महाराणा प्रताप की जयंती की वजह से किया गया है। बता दें कि आज महाराणा प्रताप की जयंती है।
औरंगजेब रोड से लेकर डलहौजी रोड तक का बदला गया नाम
बता दें कि इससे पहले भी सड़कों के नाम पर बवाल हो चुका है। पूर्व में औरंगजेब रोड का नाम बदलकर एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग किया गया था।
देश के सबसे लोकप्रिय राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी मृत्यु के बाद श्रद्धांजलि देने के लिए ऐसा किया गया था।
एनडीएमसी ने देश के पूर्व राष्ट्रपति को सम्मान देने के लिए यह कदम उठाया था। वहीं एनडीएमसी ने 2017 में डलहौजी रोड का नाम बदलकर दाराशिकोह रोड कर दिया था। दिलचस्प बात ये है कि दाराशिकोह औरंगजेब का भाई था।
रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया था। तीन मूर्ति मार्ग का नाम बदलने की भी बात थी लेकिन हो नहीं सका।
महाराणा प्रताप की जयंती पर अखिलेश का तंज
समाजवादी पार्टी ने बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पर महाराणा प्रताप की जयंती मनाई। कार्यक्रम के बहाने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में महाराणा प्रताप की जयंती पर छुट्टी होती थी लेकिन भाजपा ने इसे रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार फिर बनेगी तो फिर हम छुट्टी घोषित करेंगे।
बोले कि भाजपा के लोग हमें जितना रोकेंगे, हम महापुरुषों का उतना सम्मान करेंगे।इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कभी अपने स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं किया। महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाई लेकिन मुगलों के आगे नहीं झुके। यही आदर्श हम सभी को अपनाना चाहिए।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि हम तो जोड़ने वालों में से हैं, लेकिन भाजपा हमें तोड़ने के नजरिए से देखती है। हम हिंदू हैं लेकिन भाजपा हमें हिंदू नहीं मानती। बोले कि गुजरात चुनाव में वे लोग खिलजी पर चर्चा करने लगे थे और अब कर्नाटक में टीपू और अलीगढ़ का मामला उठा रहे हैं।
सिर्फ राजनीतिक लाभ के मुद्दे लेकर आते हैं ये लोग। कटाक्ष भी किया कि वे कभी विकास पर भी चर्चा करेंगे कि नहीं? इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव को महाराणा प्रताप की फोटो स्मृति चिह्न के रूप में भेंट की।
