दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष राकेश शेरावत पुलिस कमिश्नर से मिले

दिल्ली  | शनिवार को दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष राकेश शेरावत अन्य अधिकारियों के साथ दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिले। यहां इन लोगों ने अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत की और मांग की है कि ऐसी घटना किसी भी कोर्ट परिसर में दोबारा न हो।

दिल्ली में 24 सितंबर को भरी दोपहर में रोहिनी कोर्ट रूम के अंदर चली गोलियों और तीन मौतों के बाद वकीलों समेत अदालतों के तमाम स्टाफ चिंता में हैं। उनकी यह चिंता जिला अदालत की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिसे भेदकर कई बार अपराधियों ने कोर्ट परिसर या कोर्ट रूम के अंदर वारदातों को अंजाम दिया है।
अपनी इसी चिंता को लेकर शनिवार को दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष राकेश शेरावत अन्य अधिकारियों के साथ दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिले। यहां इन लोगों ने अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत की और मांग की है कि ऐसी घटना किसी भी कोर्ट परिसर में दोबारा न हो।
वकीलों ने गहरी नाराजगी जताई, आज सभी जिला अदालतों में एक दिन की हड़ताल
रोहिणी अदालत में हुई गैंगवार को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर वकीलों ने गहरी नाराजगी जताते हुए शनिवार को सभी जिला अदालतों में एक दिन की हड़ताल कर दी। वकीलों ने कहा कि बार-बार कोर्ट परिसर में सुरक्षा का मुद्दा उठाए जाने के बावजूद इस दिशा में कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है।

रोहिणी कोर्ट रूम में हुई गोलीबारी पर नाराजगी जताते हुए ऑल बार एसोसिएशन समन्वय समिति के प्रवक्ता एवं दिल्ली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव नसियार ने कहा कि हमने जिला अदालतों के विकेंद्रीकरण के समय भी सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया था और हाईकोर्ट ने आश्वासन दिया था कि सभी अदालतों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।

उन्होंने कहा यह हैरानी की बात है कि कोर्ट के मुख्य गेट पर पुलिसकर्मी जांच करते हैं, इसके बावजूद आरोपी कैसे हथियार लेकर कोर्ट रूम में पहुंच गए। यह एक सुनियोजित षड्यंत्र का मामला लगता है और तुंरत पुलिसकर्मियों ने कैसे आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया। कहीं न कहीं इसमें मिलीभगत नजर आ रही है और हम इस मामले की न्यायिक जांच की मांग करेंगे। यह अदालत परिसर में वकीलों व जजों की सुरक्षा का अहम मुद्दा है। उन्होंने कहा वकीलों ने रोष व्यक्त करने के लिए शनिवार को हड़ताल रखने का निर्णय किया है।

 

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