दिल्ली में यमुना नदी के किनारे छठ पूजा की नहीं मिली अनुमति

नई दिल्ली छठ महापर्व के मद्देनजर दिल्ली सरकार की ओर से यमुना नदी के किनारे छठ मनाने की अनुमति नहीं दी गई है। शुक्रवार को छठ पूजा संघर्ष समिति और पूर्वांचल नवनिर्माण संगठन के सदस्यों ने इस पर नाराजगी जताई। संगठन के लोगों ने उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास राजनिवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्यों ने उपराज्यपाल को एक ज्ञापन दिया।

पूर्वांचल नवनिर्माण संगठन के अध्यक्ष ने बताया कि पूर्वांचल के लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। यह पूर्वांचल के लोगों की आस्था से खिलाड़ है,इसे किसी भी कीमत पर बर्दायश्त नहीं किया जाएगा। संगठन के लोगों का कहना है कि दिल्ली एनसीआर में बड़ी तादाद में लोग छठ महापर्व मनाते हैं।

पिछले दो साल से कोरोना महामारी के चलते महापर्व नहीं मनाया गया। अब सरकार यमुना नदी के किनारे छठ पूजा करने से मना कर रही है। संगठन का कहना है कि छठ पूजा यमुना नदी के किनारे ही मनाया जाएगा। दोनों संगठन के लोगों ने काफी देर तक उपराज्यपाल के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। वहीं, दिलशाद गार्डन निवासी ओपी झा ने भी यमुना नदी के किनारे छठ पूजा की अनुमति नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। स्थानीय निवासी का कहना है कि जब लोग कोरोना प्रोटाकाल का पालन करते हुए छठ पूजा करना चाहते हैं तो इसकी अनुमति मिलनी चाहिए।

लोग कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए पूजा पाठ करेंगे और व्यवस्था बनाने में प्रशासन का पूरा सहयोग भी करेंगे। इसलिए दिल्ली सरकार को लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए यमुना नदी के किनारे त्योहार को मनाने की अनुमति दे देनी चाहिए।

 

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