दिल्ली में सब इंस्पेक्टर को सीबीआइ द्वारा रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

दिल्ली | के मैदान गढ़ी थाने में तैनात एक सब इंस्पेक्टर को सीबीआइ द्वारा रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया जाना दिल्ली पुलिस में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है। एसआइ के घर से जांच एजेंसी ने 1.12 करोड़ रुपये बरामद किए हैं, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि ये रुपये उसने किसी फार्म हाउस से जुड़े विवाद का निपटारा करने के एवज में लिए थे। ऐसे ही एक अन्य मामले में यमुनापार के मंडावली थाने के तीन पुलिसकर्मियों पर एक कारोबारी को कार में अगवाकर उससे 20 लाख रुपये मांगने और देने पर मुठभेड़ के बहाने हत्या करने की धमकी देने का आरोप लगा है। आरोपित तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए हैं, लेकिन ये मामले दिल्ली पुलिस की साख पर बट्टा गाते हैं।

दिल्ली पुलिस को देश की सर्वाधिक संसाधन संपन्न पुलिस कहा जाता है। पुलिस ने विगत कुछ वषों में राजधानी में आतंकी गतिविधियों को रोकने में उल्लेखनीय सफलता भी हासिल की है। इस दौरान कई आतंकी पकड़े गए हैं और हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं, लेकिन पुलिसकर्मियों में अनुशासन के मामले में दिल्ली पुलिस अब भी संघर्षरत ही नजर रही है। समयसमय पर ऐसे कई मामले सामने आते हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों के कारण पूरे विभाग को शर्मिदगी का सामना करना पड़ता है। पुलिस के आला अधिकारियों को चाहिए कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ सामने आने वाले सभी मामलों में पूरी गंभीरता के साथ जांच की जानी चाहिए और दोषी पाए जाने की स्थिति में उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। दिल्ली पुलिस को इन मामलों में सख्त कार्रवाई कर अन्य पुलिसकर्मियों के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। इसमें कोई दो राय नहीं कि ऐसे मामलों में पूरी सख्ती बरते जाने से ही पुलिसकर्मियों को अनुशासित रखने में सफलता हासिल की जा सकती है।

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