दुनिया में वेदों के संदेश का प्रचार-प्रसार करने के लिए भारत सरकार बढ़ाए कदम: सीएम गहलोत

जयपुर. राष्ट्रीय वर्चुअल वेद कान्फ्रेंस (National Virtual Veda Conference) के समापन समारोह में सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने कहा कि इतना समृद्ध ज्ञान का खजाना होने के बावजूद वेदों (Vedas) का प्रचार प्रसार नहीं हुआ. शासन चलाने वाले लोगों के जेहन में वेदों का संदेश बैठना चाहिए. चाहे वह मंत्री हों या अफसर. जनता को सुशासन (Good Governance) देना है तो हमें वेदों को जीवन में आत्मसात करना होगा.
यह समझ से परे है कि इतने समृद्ध ज्ञान के बवजूद हम वेदों को पूरे देश में नहीं फैला पा रहे हैं. गांधीजी का संदेश भी यही है कि हमारे लिए गर्व की बात है कि योग को संयुक्त राष्ट्र ने मान्यता दी, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाने लगा, वेद और वेदों की शिक्षा को विश्व में फैलाएं.
सीएम ने कहा कि हम 'वसुधैव कुटुंबकम' की बात करते हैं. ये सन्देश दुनिया तक पहुंचना चाहिए, यह भावना हमारे देश की मूल भावना है. यह अपना बंधु है और यह अपना बंधु नहीं है. इस तरह की बात छोटी सोच के लोग करते हैं, उदार हृदय वाले लोगों के लिए पूरा विश्व ही परिवार है. सीएम गहलोत ने कहा, वसुंधैव कुटुंबकम हमारे देश की मूल भावना है, इस भावना को दुनिया तक पहुंचाकर भारत विश्व का नेतृत्व कर सकता है.
इस काम के लिए भारत सरकार को आगे आना चाहिए. जय जगत की बात विनोबा भावे और गांधी ने कही है, लेकिन आज जय जगत की छोड़िए हमारे देश में क्या हो रहा है. हमारे पास इतना बड़ा खजाना है, जिस देश की भावना सदियों से वसुंधैव कुटुंबकम की रही हो, उस देश में छुआछूत की भावना कितना बड़ा कलंक है, जब तक हम यह कलंक नहीं मिटाएंगे हम कैसे दुनिया तक अपना संदेश पहुंचाएंगे.
सीएम गहलोत ने कहा, वेद विद्यालय और खोलने के लिए संभावनाएं तलाशी जाए, सरकार वैदिक रिसर्च को बढ़ावा देगी. वेद विश्वविद्यालय खोलने से पहले वेद स्कूल और कॉलेज मजबूत होने चाहिए. जब छात्र नहीं मिलेंगे तो दिक्कत होगी. सीएम अशोक गहलोत ने कहा, स्वामी विवेकानंद जयंती का दिन महत्व रखता है, इंदिरा गांधी के जमाने में विवेकानंद जयंती को युवा दिवस घोषित किया गया, जब प्रथम युवा दिवस मनाया गया तब मैं केंद्र में युवा खेल मंत्री था, मानवता, शांति और सद्भाव के लिए वेदों को आत्मसात करना जरूरी है, मौजूदा हालात में वेदों को आत्मसात करना जरूरी, चारों वेद का खजाना बहुत बड़ा है.
कला संस्कृति मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि वेदों की शिक्षाएं हर युग में प्रासंगिक हैं. सरकार लगातार वेदों की शिक्षा को प्रोत्साहित करेगी. सीएस निरंजन आर्य ने कहा, वेद जीवन का सत्य है, जीवन की बहती धारा का जीवंत संविधान ही वेद हैं. वेदों से हम मानवता सीख सकते हैं. आधुनिक विकास की दौड़ में सांस्कृतिक नैतिक मूल्यों में विचलन आया है.
