देश में साढ़े सात लाख डॉक्टरों की है कमी, शिवसेना सांसद ने उठाया मुद्दा

मुंबई। इंडियन मेडिकल काउंसिल संशोधित विधेयक २०१९ पर चर्चा के दौरान लोकसभा में मुंबई से सटे कल्याण संसदीय क्षेत्र के शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि आज देश में साढ़े सात लाख डॉक्टरों की की कमी है. स्वास्थ्य क्षेत्र में मूलभूत सुविधा के लिए होने वाला निवेश १.४ प्रतिशत है, जो अन्य देशों की तुलना में काफी कम है. इसलिए देश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता है. दरअसल देश में डॉक्टरों पर बढ़ते हमले के के सन्दर्भ में बोलते हुए डॉक्टर शिंदे ने कहा कि देश में अब तक एक हजार से अधिक डॉक्टरों पर हमले हो चुके हैं. इस हमले में ७५ प्रतिशत डॉक्टरों को शिकार होना पड़ा है. डॉक्टरों पर हमला रोकने के लिए कड़ा कानून बनाने की उन्होंने मांग की. डॉक्टर शिंदे ने कहा देश में कुल ३३१ मेडिकल कॉलेज हैं. प्रतिवर्ष ६३ हजार डॉक्टर मेडिकल की शिक्षा को पूर्ण करते हैं, परंतु केवल २३ हजार ७२९ स्नातक के बाद शिक्षा के लिए जगह उपलब्ध है. यह चिंता का विषय है. उन्होंने कहा देशभर में एक लाख ५० हजार स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध हैं. स्नातक के बाद शिक्षा का मौका उपलब्ध न होने पर इन डॉक्टरों को स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी रूप से नौकरी उपलब्ध कराकर देने से डॉक्टरों को नौकरी मिल सकेगी और ग्रामीण भाग में भी डॉक्टर उपलब्ध होंगे. इसके अलावा आयुर्वेद, होमियोपैथी आदि डॉक्टरों के संबंध में भी डॉ. शिंदे ने विधेयक पर चर्चा करते हुए अपनी बात रखी.
