दो परिवारों के बीच बात ऐसी बनी कि सगाई के समय ही दूल्हा-दुल्हन की रचा दी शादी

झुंझुनूं । सगाई करने पहुंचे दो परिवारों में बात कुछ ऐसी बनी की बिना किसी तामझाम के मौके पर ही शादी करने के लिए राजी हो गए । बेकार के खर्चों और रस्मों के फेर में पड़े बिना ही लड़के और लड़की की शादी करा दी गई। फिर क्या था, सगाई करने पहुंचा लड़का, दुल्हन के साथ फेरे लेकर वापस लौटा। सगाई की रस्म को फेरों में बदले जाने को सभी ने खुब सराह रहे हैं ।
जानकारी के अनुसार सुहासड़ा (हरियाणा) हाल चिड़ावा निवासी ओमप्रकाश मेचू व सरोज रानी की बेटी नेहा कुमारी की सगाई थी।जिसमें लड़के वाले तय समय पर सगाई की रस्म करने पहुंचे।रस्म के दौरान प्रेरक रामसिंह नेहरा व रघुवीर डारा ने दोनों पक्षों से बातचीत की।फिजुलखर्ची रोकने व समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण पेश करने के लिए सगाई के समय ही दोनो को फेरे दिलवाने का निर्णय लिया गया।इसके बाद हंसी-खुशी दोनों को विवाह के पवित्र बंधन में बांध दिया गया।
बता दें कि दुल्हे अंकित धींवा के पिता कुलदीप धींवा सरकारी अध्यापक तथा माता रजनी देवी गृहणी हैं।वहीं दुल्हन नेहा के पिता ओमप्रकाश का कंप्यूटर सेंटर है।माता सरोज रानी पदमपुरा की सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं। नेहा ने एमएससी तक पढ़ाई की है।दोनो परिवारों के द्वारा की गई पहल ने समाज में एक अनुकरणीय उदारण पेश किया है।विवाह के नाम पर होने वाले भारी-भरकम खर्च को बचाने का संदेश दिया है।इस दौरान गजराजसिंह, सुबेदार दीपचंद, मनिंदर सिंह, डॉ कुलबीर सिंह, आशीष कुमार सहित परिवार जन मौजूद रहे।
