दौसा में ग्रामीण ने बचाई सैंकड़ों यात्रियों की जिंदगी, टूट पटरी देख लाल कपड़ा लेकर ट्रैक पर दौड़ा

दौसा में सोमवार को सैकड़ों यात्रियों (Hundreds of travelers) की जिंदगी बचाने (Save lives) के लिए एक ग्रामीण फरिश्ता (angel) बनकर करीब आधा किलोमीटर तक लाल कपड़ा लेकर रेलवे पटरियों (Railway track) पर दौड़ा. लाल कपड़ा लेकर रेलवे ट्रैक पर ग्रामीण को दौड़ते देखकर ट्रेन चालक ने अनहोनी की आशंका से तत्काल इमरजेंसी ब्रेक (Emergency brake) लगा दिए. बाद में ग्रामीण के ट्रैक पर दौड़ने की हकीकत जानकर यात्री और रेलवे प्रशासन उसकी पीठ थपथपाए बिना नहीं रह सका. ग्रामीण की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टल गया.
पटरी में फ्रैक्चर को देखकर लाल कपड़ा लेकर दौड़ा कजोड़मल
दरअसल सोमवार को सुबह दौसा जिले के कोलाना अंडरपास के समीप रेलवे लाइन में फ्रैक्चर आ गया था. उसी दौरान ग्रामीण कजोड़मल शर्मा ने उधर से गुजरते हुए इस फ्रैक्चर को देख लिया. उस समय इंटरसिटी एक्सप्रेस के आने का समय हो रहा था. इस पर कजोड़मल ने बिना कोई देरी किए समझदारी का परिचय दिया और तत्काल घर जाकर लाल कपड़ा लेकर आया. उसके बाद कजोड़मल ने लाल कपड़ा हाथ में लेकर रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आने की दिशा में दौड़ना शुरू कर दिया. कजोड़मल ने करीब आधा किलोमीटर दौड़ लगाकर ट्रेन के चालक को लाल कपड़ा दिखाया.
22 मिनट तक ट्रेन ट्रैक पर रुकी रही
ट्रेन के चालक ने भी किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया. बाद में कजोड़मल ने ट्रेन के चालक को पटरी के टूटी होने की सूचना दी. इस पर उसने रेलवे प्रशासन से संपर्क साधा. सूचना पर रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ट्रैक की वैकल्पिक मरम्मत की. उसके बाद जयपुर से अलवर की ओर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस को धीमी स्पीड से वहां से निकाला गया. मरम्मतीकरण कार्य के चलते 22 मिनट तक ट्रेन वहीं ट्रैक पर ही खड़ी रही. उसके बाद ट्रेन को रवाना किया जा सका. घटना के बाद मौके पर जमा हुए यात्रियों और रेलवे प्रशासन ने कजोड़मल की सूझबूझ की प्रशंसा करते हुए उसे शबाशी दी.
