धड़ल्ले से चल रहा सिल्वर एवम कॉपर का गोरखधंधा

बिलासपुर । शहर में हाई लेवल कॉपर एवं सिल्वर का काम चल रहा है। और वह भी शहर के पाँस एरिया पल्लव भवन के पीछे। यहां कई कॉलोनी भी है। और यहां के कॉलोनी वासी इस बात को लेकर परेशान है कि अचानक इस तरह का धंधा यहां कैसे पनप रहा है? रात दिन मालवाहक वाहनों का आना और हैवी एवं कीमती उपकरणों को यहां डम्प करने के बाद उससे सिल्वर एवं कॉपर के आइटम निकालने के बाद उसे वाहनों द्वारा अन्यत्र भेजा जा रहा है। यह काम रात दिन अनवरत रूप से चल रहा है। यहाँ के मालिक कान्हा बजाज को यहां के रहवासी कई बार उनके इस धंधे के विषय में पूछा तो वह हमेशा गोलमोल जवाब देकर सब को चलता कर देता है। कान्हा बजाज का कहना है कि सिविल लाइन पुलिस को हमारे इस धंधे के विषय में अच्छी तरह पता है और हमें यह धंधा करने से कोई नहीं रोक सकता। परंतु हमारा सवाल सिविल लाइन पुलिस है क्या पल्लव भवन के पीछे चल रहा है सिल्वर, कॉपर का धंधा वैध है? क्या यह कबाड़ किस श्रेणी में आती है? इतनी भारी मात्रा में उन उपकरणों से सिल्वर एवं कॉपर निकालने का काम चल रहा है जो कि सिर्फ रेल्वे, पावर प्लांट, एसईसीएल, एवम बीईएमएल के महंगे उपकरणों में लगे रहते हैं। क्या इनका स्क्रैप या सल्वेज का टेंडर हुआ? इसके रोड ट्रांजिट एन ओ सी पेपर भी जांच का विषय है। यहां के त्रस्त आम नागरिक संस्था के मालिक कान्हा बजाज से अब कोई सवाल नहीं पूछते उन्हें सिर्फ पुलिस एक्शन का इंतजार है।
