नगर निगम की बजट बैठक

जबलपुर। नगर निगम का बजट पेश होने के बाद लगातार हो रही सदन की बैठक महज औपचारिक साबित हो रही है। हालाकि इस दौरान कई अहम मुद्दो पर भी चर्चा हुई। गुरुवार को सदन की बैठक में यूनीपोल लगाने का मामला गरमा गया। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सत्तापक्ष और नगर निगम के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। विपक्ष ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की। वहीं सत्ता पक्ष के एक एमआईसी मेंबर ने भी इस पर सवालिया निशान खड़े किए। जिससे मामला और भी गरम हो गया।
गुरुवार को सुबह नगर निगम की बैठक में यूनीपोल के मुद्दे पर गरमागरम बहस हुई। बैठक की शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष राजेश सोनकर ने शहर में लग रहे यूनीपोल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यूनीपोल लगाने का ठेका दिल्ली की कंपनी को दिया गया है, जबकि यह काम लोकल स्तर पर भी किया जा सकता था। नेता प्रतिपक्ष ने ठेका की अवधि पर सवाल खड़े करते हुए भ्रष्टाचार होने की बात भी कही। नेता प्रतिपक्ष के आरोपों का जवाब निगम अधकारी ने दिया, लेकिन विपक्ष उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं हुआ।
एमआईसी मेंबर ने जताई आशंका…………
सदन की बैठक के दौरान यूनीपोल का मुद्दा उस वक्त और गरम हो गया, जब एमआईसी मेंबर रमेश प्रजापति ने इस पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि यूनीपोल का ठेका १० वर्ष के लिए दिया गया है, यह ठेका कम से कम ३ वर्ष के लिए दिया जाना चाहिए था। इस मामले में भ्रष्टाचार हुआ है, इसलिए इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
निगम कर्मचारियों ने किया घेराव………..
गुरुवार को सदन की बैठक शुरू ही हुई थी कि इसी दौरान नगर निगम के कर्मचारी नारेबाजी करते हुए पहुंच गए। कर्मचारियों ने सदन का घेराव किया। कर्मचारियों की नारेबाजी के बाद महापौर स्वाती गोडबोले और एमआईसी मेंबर कमलेश अग्रवाल उनसे मिलने पहुंचे। नेताओं ने नगर निगम कर्मचारियों को उनकी मांग पूरा होने का आश्वासन दिया, जिसके बाद कर्मचारी शांत हुए। हालाकि कर्मचारियों ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं की गईं तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे।
