नवोदय छात्रा की मौत का मामला: सुराग की तलाश में जुटी है एसआईटी, हॉस्टल में स्टाफ से किए सवाल-जवाब

मैनपुरी| जांच के पांचवें दिन भी एसआईटी (विशेष जांच दल) जवाहर नवोदय विद्यालय भोगांव पहुंची। एसआईटी लगातार जांच के पहले दिन से उस कड़ी को तलाशने में जुटी हुई है जो छात्रा की मौत से परदा उठा देगी। एसआईटी का मानना है कि ये कड़ी कहीं न कहीं नवोदय में ही गुम है। दोपहर बाद पहुंची एसआईटी ने हॉस्टल में सुराग जुटाने के साथ ही स्टाफ से भी पूछताछ की। छात्रा की कथित हत्या के मामले में शनिवार को जांच के लिए एसआईटी मैनपुरी पहुंची थी। इसके बाद से ही लगातार एसआईटी नवोदय में जांच कर रही है। हर दिन नवोदय में जाकर एसआईटी हॉस्टल और परिसर में सुराग ढूंढ रही है। एसआईटी का मानना है कि कोई न कोई सुराग कहीं जरूर छूट रहा है। इसके हाथ लगते ही पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठ जाएगा। बुधवार को एसआईटी के सदस्य दोपहर डेढ़ बजे के करीब नवोदय पहुंचे।
एसआईटी के साथ इंस्पेक्टर भोगांव रवींद्र बहादुर सिंह भी साथ थे। एसआईटी ने छात्रा के कमरे में जाकर जांच की। इसके साथ ही पूरे परिसर का निरीक्षण किया। जांच का सिलसिला यहीं नहीं रुका, एसआईटी ने एक बार फिर प्रधानाचार्य और स्टाफ से पूछताछ की। इसमें वही सवाल शामिल थे जो पहले पूछे जा चुके थे।एसआईटी बार-बार विद्यालय से आने-जाने के रास्ते देखती रही। लगभग चार घंटे तक एसआईटी ने बारीकी से जांच की। जांच के बाद टीम कैंप कार्यालय वापस लौट गई।
सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन भी देखी
एसआईटी ने बुधवार को विद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन देखी। इसके साथ ही ये चेक किया कि उनके कैमरों की रेंज में कितना क्षेत्र आता है। क्या वे कैमरे हमेशा उसी क्षेत्र में केंद्रित रहते हैं, जहां वे वर्तमान में हैं। इन सभी बिंदुओं पर एसआईटी ने गहनता से जांच पड़ताल की।
प्रधानाचार्य और वार्डन को नहीं मिली जाने की अनुमति
एसआईटी ने पूछताछ के लिए तत्कालीन प्रधानाचार्य सुषमा सागर और वार्ड विश्रुति को भी बुलाया गया था। वार्डन जहां तीन दिनों से जवाहर नवोदय विद्यालय में रुकी हैं तो वहीं प्रधानाचार्य को भी दो दिन हो चुके हैं। उनसे एसआईटी कई घंटे पूछताछ भी कर चुकी है। इसी के चलते बुधवार को दोनों ने जाने की बात एसआईटी के सदस्यों से कही, लेकिन उन्हें जाने की अनुमति नहीं दी गई।
