नशा छोड़ने के लिए शैंपू व साबुन लेकर जेल पहुंचा

गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स ने पुलिस से जेल जाने के लिए गुहार लगाई है। युवक का कहना है कि वह नशे के बिना नहीं रह सकता। उसने बताया कि, उसे बचपन में ही नशे की लत लग गई थी। ऐसे में वह घर पर रहकर नशा नहीं छोड़ पा रहा है, इसलिए वह चाहता है कि उसे जेल में डाल दिया जाए, ताकि वहां रहने से नशे की लत से छुटकारा मिल जाए।युवक की यह बात सुनकर जीआरपी थाना प्रभारी चकित रह गए। इस दौरान युवक करीब दो घंटे तक जेल जाने की जिद पर अड़ा रहा। लेकिन बिना किसी जुर्म के पुलिस किसी को भी जेल नहीं भेज सकती है। बताया जा रहा है कि युवक मूलरूप से अलीगढ़ का रहने वाला है, जिसका नाम अनीस अलवी है। उसकी उम्र 22 साल है और वह अपने परिवार के साथ अर्थला शिव मंदिर के पास किराए के मकान में रहता है। उसके परिवार में मां, बड़ा भाई और दो बहनें हैं। उसके बड़े भाई और दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। शुक्रवार को दोपहर एक बजे वह दो जोड़ी कपड़े, साबुन, शैंपू, टूथब्रश, पेस्ट आदि सामान के लेकर जीआरपी थाने पहुंचा। थाने में घुसकर युवक ने खुद को जेल भेजने की जिद करनी शुरू कर दी।वह थाने की हवालात खुलवाने लगा। इस पर जब सिपाही ने पूछा कि तुमने क्या अपराध किया है? तो अनीस ने जवाब दिया कि वह नशा छोड़ने के लिए कुछ दिन के लिए जेल में बंद रहना चाहता है। इस पर सिपाही ने उसे भगा दिया, लेकिन वह दोबारा से आकर जेल जाने की जिद करने लगा। सिपाही युवक को एसआई घनश्याम सिंह के पास लेकर पहुंचा। खबरों के अनुसार अनीस अलवी का कहना है कि वह नशे का आदी होने के कारण ठीक से अपनी मां की देखभाल नहीं कर पा रहा है। नशे की वजह से उसकी मां को मजदूरी करनी पड़ती है और इसलिए उसने अपनी मां से नशा छूटने तक जेल में रहने की इजाजत मांगी है। पहले तो मां ने जेल भेजने से इनकार कर दिया मगर, जब युवक ने कहा कि नशा छूटने पर सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी तो मां ने उसे जेल जाने की इजाजत दे दी। वहीं, थाना प्रभारी जीआरपी का कहना है कि अपराध किए बिना किसी को जेल नहीं भेजा जा सकता है।

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