निकाय चुनाव से पहले शिवराज सरकार का गुड गवर्नेंस मुहिम, जानें क्या है प्लान

भोपाल. मध्य प्रदेश में निकाय चुनाव (Civic Election) होने से ठीक पहले शिवराज सरकार ने गुड गवर्नेंस पर जोर देना शुरू कर दिया है. इसको लेकर प्रशासन ने सभी कलेक्टर और कमिश्नर को निर्देश दिए हैं. इस निर्देश के तहत अब जनता से जुड़े कामों को समय पर करना होगा. यदि समय पर काम नहीं होंगे तो अफसरों पर गाज भी गिरेगी. कांग्रेस ने इस गुड गवर्नेंस (Good governance) के मामले को निकाय चुनाव से जोड़ दिया है.
नगरी निकाय चुनाव के पहले जनता से सीधे जुड़े मूलभूत सुविधाओं के प्रकरणों को जल्द से जल्द निपटाने के राज्य शासन ने दिए निर्देश हैं. मूलभूत सुविधाओं के लिए किसी भी नागरिक को न होना पड़े परेशान ऐसी सरकार की मंशा है. इसके लिए सभी पेंडिंग मामलों के निराकरण करने के निर्देश दिए हैं. खास तौर पर सीएम हेल्पलाइन में आए मामले और लोक सेवा के पेडिंग मामलों के निराकरण के निर्देश दिए हैं.
नगरीय निकाय चुनाव से जोड़ा
कांग्रेस ने अब इस मामले पर सियासत करना शुरू कर दी है. कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि बीजेपी गुड गवर्नेंस की बात ही नहीं कर सकती, क्योंकि उसने ऐसे कोई काम नहीं किए हैं. यह सिर्फ चुनाव की राजनीति कर रहे हैं. जनता परेशान है. इनको जरूर नगरी निकाय चुनाव में सबक मिलेगा. वहीं, बीजेपी महामंत्री रजनीश अग्रवाल ने कहा कि सरकार जनता से जुड़े कामों को गंभीरता से लेती है. यही कारण है कि गुड गवर्नेंस मध्यप्रदेश में है. लोक सेवा केंद्र के दायरे में आने वाले सभी कामों को समय पर करने की प्राथमिकता तय कर दी गई है. किसी भी तरीके का मामला हो उसे करने की पूरी प्रक्रिया बनाइए. और लोक सेवा केंद्र के मामले में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में से एक है.
