नीतीश कुमार के मुरीद हुए जीतन राम मांझी, लिखा- गठबंधन धर्म निभाना कोई उनसे सीखे

पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को उनके पुराने सहयोगी रहे और वर्तमान में एनडीए (NDA) का हिस्सा जीतन राम मांझी का सपोर्ट मिला है. नीतीश कुमार के समर्थन में जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने ना केवल ट्वीट किया, बल्कि अब एक तरह से एनडीए के सहयोगियों को नसीहत देने की भी कोशिश की है. दरअसल, नीतीश कुमार ने कहा था कि इस बार के बिहार चुनाव में अपनों के विरोध के बावजूद हमने जीत हासिल की है.

पटना में जेडीयू की कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश कुमार ने कहा था कि उन्हें तो पता ही नहीं चल रहा है कि उनका दोस्त कौन है और दुश्मन कौन है? यह बात नीतीश कुमार ने उस वक्त कही जब एक के बाद एक उनकी पार्टी के हारे हुए प्रत्याशी और नेता हार के पीछे भाजपा का गेम प्लान होने की तरफ इशारा कर रहे थे. बैठक में BJP के खिलाफ नेता बोलते गए और नीतीश कुमार सुनते चले गए. नीतीश के इस बयान के बाद मांझी ने ये ट्वीट किया है.
इससे पहले पटना में शनिवार को सभी की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो दिवसीय जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में शनिवार को संबोधित करते हुए यही कहा कि चुनाव के वक्त उन्हें पता ही नहीं चला कि उनका दोस्त कौन है और दुश्मन कौन है? नीतीश कुमार के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की संभावना को बल मिला है. सियासी जानकर मान रहे हैं कि नीतीश कुमार का यह बयान उन्हीं की सहयोगी पार्टी भाजपा को लेकर सामने आया है. बैठक में भीतर चुनाव हारने वाले कई जेडीयू प्रत्याशियों ने इस बात का भी जिक्र किया कि उनकी हार लोक जनशक्ति पार्टी की वजह से नहीं बल्कि बीजेपी की वजह से हुई है.
 

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