पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में मानसून की दस्तक, दो की मौत, 19 घायल, अलर्ट भी जारी

हरियाणा में तीन दिन की देरी से दस्तक देने वाले मानसून ने गुरुवार को उत्तरी हिस्से को जमकर भिगोया। इससे किसानों को बांछे खिल गईं और आमजन को उमस भरी गर्मी से राहत मिल गई। अगले 24 घंटे में मानूसन पूरे प्रदेश में सक्रिय होगा। मौसम विभाग ने 6, 7 और 8 जुलाई को प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। 
प्रदेश में इस बार मानसून ने पश्चिम की बजाए उत्तर से दस्तक देकर जीटी बेल्ट के जिलों पर खूब मेहरबानी दिखाई। यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, चंडीगढ़, रोहतक आदि जिलों में अच्छी बारिश हुई। यमुनानगर में चार घंटे तेज बारिश हुई। वहां 68 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे सोम नदी भी पहली ही बारिश में उफान पर आ गई और जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर हो गया। 

प्रशासन की तरफ से सोम नदी के किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर लोगों से सावधान रहने को कहा गया है। इधर, वर्षा जनित हादसों में 2 लोगों की मौत हो गई और 19 लोग घायल हो गए। बारिश के दौरान पानीपत में दीवार गिरने से एक की मौत हो गई और 11 घायल हो गए। 
चरखीदादरी में बिजली गिरने से एक की मौत हो गई। पानीपत जिले के ही उरलाना खुर्द में बिजली गिरने से 6 महिलाएं सहित 7 जने झुलस गए। करनाल जिले के सदरपुर गांव में बिजली गिरने से एक किसान झुलस गया और उसके दो बैलों की मौत हो गई।

बारिश के बाद प्रदेश का मौसम सुहावना हो गया। अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। हिसार और नारनौल में सर्वाधिक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। 

यमुनानगर का जल स्तर बढ़ा 
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों में हो रही जोरदार बारिश से अगले 24 घंटे में यमुना का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि अभी यमुना में सामान्य 1200 क्यूसेक पानी है। हथिनीकुंड बैराज पर भी सावधानी रखने के निर्देश दिए गए। 

इनका कहना है 
देर आए दुरुस्त आए की तर्ज पर गुरुवार को प्रदेश में मानूसन ने दस्तक दी है। कई जिलों में मानसून की बारिश हुई है। अगले 24 घंटे में मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय होगा। बारिश का क्रम जारी रहने का अनुमान है। – डॉ. सीएस बुंदेला, प्रधान वैज्ञानिक, केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान, करनाल 

6 से 8 जुलाई तक भारी तेज बारिश की चेतावनी 
मौसम विभाग ने हरियाणा सहित हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली आदि राज्यों में छह से आठ जुलाई तक तेज बारिश की चेतावनी दी है। पांच जुलाई को गरज के साथ बारिश हो सकती है। 

हरियाणा में 66 फीसदी कम बारिश 
प्रदेश में अब तक 66 फीसदी कम बारिश हुई है। एक जून से 4 जुलाई तक प्रदेश में 59.8 एमएम बारिश होती है, जबकि इस अवधि में महज 20.2 एमएम बारिश हुई। 

प्रदेश में सिर्फ 70 हजार हेक्टेयर में ही हो पाई रोपाई 
मानसून में देरी के चलते इस बार महज 70 हजार हेक्टेयर में ही धान की रोपाई हो पाई है। हरियाणा में 12 लाख 50 हजार हेक्टेयर में धान का उत्पादन होता है। शेष करीब 10 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बाजरा, ज्वार सहित अन्य फसलें होती हैं। अब बारिश होने से धान की रोपाई में और अन्य फसलों की बुवाई में तेजी आएगी।
पंजाब में राहत की फुहार
पंजाब के कई जिलों में हुई बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली है। धान की फसल के लिए यह बरसात वरदान बन गई। खेतीबाड़ी विभाग द्वारा जिलों से मंगवाई रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में औसतन 2.9 मिलीमीटर बारिश हुई है।

किसानों की मांग पर इस बार राज्य सरकार ने धान की रोपाई बीस जून के बजाय 13 जून से करने के आदेश जारी कर दिए थे। लेकिन सूबे में गंभीर लेबर किल्लत के चलते रोपाई की रफ्तार काफी सुस्त थी। 

सूबे में सबसे ज्यादा 29.0 मिलीमीटर बारिश मोहाली में दर्ज की गई। इसके अलावा रोपड़ में 12.5 और नवांशहर में 10.7 मिलीमीटर बारिश हुई है।

खेतीबाड़ी विभाग के डायरेक्टर डॉ स्वतंत्र ऐरी ने कहा कि धान के लिए इस समय बारिश की सख्त जरूरत थी। जहां-जहां भी बारिश हुई है धान की फसल को फायदा होगा। मक्की लगाने के लिए भी बारिश का इंतजार किया जा रहा है। धान की रोपाई इस बार लेट है।

Leave a Reply