पतंगबाजी में चायना मांझे का नहीं करें उपयोग

भोपाल । मकर संक्रांति पर उडाई जाने वाली पतंगों में चायनीज मांझे का उपयोग कतई ना करे। इस मांझे पर फंसकर कई बार हादसे हो चुके हैं। कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना भी पडा है। इतना ही नहीं, इस मांझे में फंसकर पक्षियों तक की जानें चली जाती हैं। पतंगबाजी करते समय यह बात ध्यान रखनी होगी कि अनजाने में किसी की जान खतरे में न पड़ जाए। दरअसल, इस साल भी राजधानी में चायना मांझे की खूब बिक्री हो रही है। कहीं खुलेआम तो कहीं चोरी-छुपे चायना मांझा बेचा जा रहा है। यह तब है, जबकि चायना मांझे की बिक्री प्रतिबंधित है। शहर में आज बड़ी मात्रा में दुकानों पर चायना मांझे की बिक्री होगी। चायना मांझे की वजह से हर साल हादसे होते हैं। कर्इ बार राह चलते लोग चाइना मांझे की वजह से घायल हो जाते हैं। चायना मांझे की वजह से कई पक्षियों की जान भी चली जाती है। इसके बावजूद सबक नहीं लिया जाता। प्रतिबंध लगने के बावजूद यह मांझा बेचा जाता है। राजधानी भोपाल में कई दुकानदार पुराना रखा स्टॉक बेच रहे हैं। कोलार, न्यू मार्केट, अवधपुरी, कटारा हिल्स, अशोका गार्डन, दस नंबर समेत पुराने शहर के बाजारों में चायना मांझा बिक रहा है।अबकी बार बाजार में पांच से 50 रुपये तक की सामान्य पतंगें बेची जा रही हैं। इसके अलावा बड़े आकार की पतंगें भी बिक रही हैं, जो 500 रुपये से अधिक की हैं। बच्चों को कार्टून कैरेक्टर वाली पतंगें पसंद आ रही हैं। मोटरसाइकिल चलाते समय सावधानी रखें। हेलमेट पहनें और गले में गमछा या मफलर लपेट लें।मोटरसाइकिल की गति कम रखें, ताकि चायना मांझे की डोर अचानक आने पर संभलने का मौका मिल सके। बच्चों को बाइक पर आगे न बैठाएं। बता दें कि मकर संक्रांति पर्व नजदीक है। इस पर्व के मौके पर खूब पतंगबाजी होगी। चारों ओर उल्लास और उत्साह का माहौल रहेगा। आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से रंगीन हो जाएगा। उल्लास और उत्साह के इस पर्व में किसी परिवार में गम का माहौल ना बन जाए, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
