पर्यावरण के संबंध में एनजीटी के निर्देशों की पालना आवश्यक है : जैन

पाली । जिला कलेक्टर दिनेश चन्द जैन की अध्यक्षता में एनजीटी के निर्देशों की पालना में जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक जिला कलक्टर सभागार में सम्पन्न हुई।
बैठक में जिला कलेक्टर ने कहा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों की अक्षरश: पालना के लिए सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग के कार्यों के प्रति जिम्मेदार रहे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी नोम्स के अनुसार अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने जिले की स्थानीय निकाय के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सोलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व डम्पिंगयार्ड की व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर जैन ने 12 बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए स्थानीय निकाय के अधिशाषी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने निकाय क्षेत्र में ठोस कचरा संग्रहण व गीले, सूखे, कांच एवं प्लास्टिक का अलग-अलग संग्रहण कर डंपिग यार्ड तक पहुंचाने की ठोस कार्य योजना शीघ्र प्रस्तुत करें, साथ ही निकाय कचरे के निस्तारण के लिए डपिंग यार्ड शुरू करने की कार्यवाही के लिए योजना बनाए। दो निकाय साथ मिलकर एक कलस्टर डंपिग यार्ड की कार्य योजना तैयार कर सकते है। उन्होंने रानी, फालना, सादगी एवं बाली, जैतारण-बिलाडा, सोजत-पाली, सुमेरपुर-तखतगझढ़, कलस्टर बनाकर डंपिग यार्ड शुरू करने की दिशा में तय निर्देशो के अनुसार कार्य करे। एनजीटी के निर्देशो के अनुरूप प्लान व कलस्टर बनाकर कार्य को गंभीरता के साथ तय समय सीमा में पूर्ण करें।
उन्होंने कहा कि नगरपालिकाएं कलस्टर बनाकर नजदीकी स्थान पर कचरा लाने के लिए वेण्डर से निविदा में करार करे कि नगर पालिका क्षेत्र में पूर्व में पडा कचरा भी उठाकर डम्पिंगयार्ड तक निस्तारण के लिए ले जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा संग्रहण एवं डम्पिंग यार्ड के लिए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से कहा कि वे विकास अधिकारियों को इस कार्य के लिए पाबंद करें। उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं आईआईसी गतिविधियों के बारे में भी आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही स्वच्छता अभियान के तहत जिले में सभी स्कूलों की बाल सभाओं में स्वच्छता के बारे में जानकारी दे। उन्होंने कहा कि शहरों को गंदा करने वाले व्यक्तियों से भी जुर्माना वसूल कर उसकी सूचना भिजवाई जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिशाषी अधिकारी अपनी-अपनी नगर पालिकाओं में प्लास्टिक बोतल के डिस्पोजल के लिए मशीन लगाने एवं प्लास्टिक केरी बैग जब्ती के लिए साप्ताहिक कार्यक्रम चलाए। उन्होंने जिला परिषद के सीईओ को निर्देश दिए कि वे जिले के तीन ग्राम पंचायतों में सोलिडवेस्ट के निस्तारण के संबंध में कार्यवाही करें। एक वर्ष के भीतर ही सम्पूर्ण जिले के गांवों में कचरा संग्रहण ओर उसके निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए चिकित्सा अधिकारी कार्यवाही करे। इसमें सरकारी चिकित्सालयों के साथ निजी नर्सिंग होम को भी सम्मिलित किया जाए। मेडिकल उन्होंने कहा कि जिला टास्क फोर्स की बैठक प्रति माह आयोजित की जाएगी जिसमें एनजीटी के निर्देशानुसार सभी संबंधित विभाग अपनी कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करेगें साथ ही अपने प्रधान कार्यालय को भी इस बारे में सूचना देगें। उन्होंने रीको एवं नगर परिषद के अधिकारियों से कहा कि खड्डों में कास्टीक व कचरा न डाला जाए इसके लिए निरंतर मॉनिटरिंग करें एवं दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाए।
उन्होंने कहा कि वन, खनिज, कृषि विभाग के अधिकारी भी इस बैठक में आवश्यक रूप से भाग लेगें। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए निर्धारित मानदण्डों को ध्यान में रखते हुए जिला परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्यवाही करें। उन्होंने वार्षिक प्लान, औद्योगिक क्षेत्रों के वेस्ट डम्पिंग साईट, लगेसी वेस्ट का डिस्पोजल, प्लास्टिक वेस्ट, नालों पर जाल लगाने एमबीआर तकनीक आदि की विस्तृत समीक्षा करते हुए आरएफसीआई एवं रीको को रिपोर्ट वेबसाईट पर डिस्प्ले करने के निर्देश दिए। उन्होंने मण्डिया रोड नाले में सीवरेज का पानी शामिल होने की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए।
एडीजे आरिफ मोहम्मद खान चायल ने कहा कि प्लास्टिक थैलियों पर प्रतिबंध होने के बावजूद भी वो धडले से उपयोग में ली जा रही है, संबंधित विभाग प्लास्टिक थैलियों को जब्त करने के लिए प्रभावी कार्यवाही शुरू करें। प्लास्टिक थैलियों के विक्रेताओं ओर दुकानदारों के विरूद्ध संघन जांच अभियान चलाकर नियमानुसार कार्यवाही करें। प्लास्टिक कचरें से नालियां अवरूद्ध होती है साथ ही पशुओं की भी नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि कचरा संग्रहण व उसके निस्तारण के लिए ठोस कार्यवाही होनी आवश्यक है। इसके लिए नगर निकाय एवं पंचायत राज संस्थाऐं तकनीकी कमेटी का गठन कर नवीन तकनीक को अपनाकर कचरें का निस्तारण करें।
प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के अमित शर्मा ने कहा कि प्लास्टिक वेस्ट को सीमेन्ट प्लांट को दिया जा सकता है। उसके लिए अधिकारी एक्सन प्लान तैयार करे। सोलिड वेस्ट के निस्तारण के संबंध में उन्होंने कहा कि नगर पालिकाओं के बीच ही डम्पिंग यार्ड बने तो कचरा परिवहन का खर्च कम आएंगा।
बैठक में सीईओ हरिराम मीणा, उपखण्ड अधिकारी रोहिताश्वसिंह तोमर, प्रशिक्षु आईएएस देशलदान, उप वन संरक्षक, सभी जिला अधिकारी, नगर परिषद के के.पी. व्यास, उप निदेशक कृषि विस्तार डॉ जितेन्द्रसिंह, जिला परिवहन अधिकारी अचलाराम एवं जिले के सभी नगर पालिकाओं के अधिशाषी अधिकारी एवं विकास अधिकारी, सीईटीपी के अनिल लोढा एवं प्रवीण कोठारी मौजूद रहे।
