पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म व हत्या के आरोपी को उम्रकैद

अहमदाबाद । पांच साल की एक मासूम बच्ची से दुष्कर्म व हत्या के मामले में मध्य प्रदेश के युवक को सूरत की स्थानीय अदालत में अंतिम सांस तक कैद में रहने की सजा सुनाई है। सजा सुनाते ही दोषी ने न्यायाधीश पर चप्पल फेंक कर अपना गुस्सा जताया। गुजरात में बीते एक माह में मासूम से दुष्कर्म व हत्या के चार मामलों में से 2 को फांसी तथा 2 को अंतिम सांस तक कैद में रहने की सजा हुई है।
सूरत के हजीरा इलाके में रहने वाले एक श्रमिक परिवार की 5 साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले मध्य प्रदेश के सुजीत साकेत में अपराध से बचने के लिए हत्या कर दी थी। पीड़ित श्रमिक परिवार हजीरा गांव मैं एक मंदिर के पास रहता है। गत 30 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे इसकी 5 साल की बच्ची लापता हो गई। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो नजदीक में ही बच्ची का शव पड़ा मिला। खेत से शव बरामद करने के बाद पुलिस ने उसका पोस्टमार्टम कराया। मेडिकल रिपोर्ट में उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने तथा सिर पर ईंट से मार कर तथा गला दबाकर हत्या करने का मामला सामने आया। पुलिस ने इस वारदात की जांच पूरी कर 40 दिन में आरोप पत्र पेश किया।
मालूम हो कि आरोपी सुजीत साकेत के खिलाफ पोक्सो एक्ट तथा भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के अनुसार विशेष अदालत में केस चला। पूरे मामले की सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में इस मामले के दोषी 27 वर्षीय सुजीत को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई।
पुलिस ने आरोपी सुजीत साकेत को 1 मई को ही गिरफ्तार कर लिया था ।सुजीत मुन्नीलाल साकेत ने बच्चों को चॉकलेट दिलाने के बहाने अपने साथ ले जाकर उसका अपहरण कर लिया था और उसके साथ यह घृणित कृत्य किया। अदालत ने जब आरोपी सुजीत को अंतिम सांस तक कैद की सजा सुनाई तो उसने न्यायाधीश के ऊपर चप्पल फेंक दी। सरकारी वकील ने दोषी को फांसी की सजा देने की मांग की लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया।
किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद
देवभूमि द्वारका जिले में एक किशोरी के साथ दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की कैद तथा ₹10000 के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता को ₹500000 का मुआवजा भी भुगतान करने का आदेश सुनाया है। किशोरी से दुष्कर्म के बाद आरोपी ने उसे माता पिता की हत्या करने की धमकी दी। लेकिन किशोरी ने अपने साथ हुई इस कृति की जानकारी माता–पिता को दी। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया। बुधवार को देवभूमि द्वारका की सत्र अदालत में दोषी को 20 साल कैद की सजा सुनाई गई।
