पीड़िता के बयान से मुकरने के बावजूद दुष्कर्मी को 10 साल की कैद

वलसाड | वलसाड की स्पेशल पोक्सो कोर्ट ने शिकायतकर्ता और दुष्कर्म पीड़िता के अपने बयान से मुकरने के बावजूद मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद और 2000 रुपए का जुर्माना किया है| साथ ही पीड़िता के परिवार को रु. 7 लाख देने का आदेश दिया है| चार साल पुराने इस मामले पर नजर डालें तो वलसाड जिले के वापी में रहनेवाले एक परिवार की 13 वर्षीय किशोरी 13 मार्च 2017 को दोपहर 3 बजे कहीं चली गई| परिजनों को बेटी की काफी खोजबीन की| शाम 5.30 बजे किशोरी एक एपार्टमेंट की दूसरी मंझिल पर डरी हुई हालत में मिली| बेटी की स्थिति सामान्य होने के बाद 15 मार्च को जब किशोरी की मां ने ढाई घंटे लापता रहने के बारे में पूछा तो उसने बताया कि मित्सु कॉलोनी में रहनेवाले रवि चाइनीज के संबंधी रामचंद्र बाबुराव पाटील उसे एक कमरे में ले गया था| जहां कमरे का दरवाजा बंद कर उसके तीन दफा दुष्कर्म किया| किशोरी की माता ने 16 मार्च को वापी डुंगरा पुलिस थाने में रामचंद्र पाटील के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करवा दी| पुलिस ने छरवाडा की हसमुख की चाली में रहनेवाले 27 वर्षीय रामचंद्र पाटील को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पोक्सो कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी| कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई, लेकिन शिकायतकर्ता और पीडिता किन्हीं कारणों से अपने बयान से मुकर गईं| जिससे मामला पेचीदा हो गया| हांलाकि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सरकारी वकील की दलीलों को मान्य रखते हुए कोर्ट ने रामचंद्र पाटील को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा के साथ ही 2000 रुपए का जुर्माना किया| जुर्माना नहीं भरने पर 1 वर्ष की अतिरिक्त सजा सुनाई| साथ ही पीड़िता के परिवार को रु. 700000 देने का भी आदेश दिया|
