पुडुचेरी में क्या चुनाव से पहले ही गिर जाएगी कांग्रेस सरकार?

पुडुचेरी में क्या चुनाव से पहले ही गिर जाएगी कांग्रेस सरकार? जानें विधानसभा का गणित
पुडुचेरी में क्या चुनाव से पहले ही गिर जाएगी कांग्रेस सरकार? जानें विधानसभा का गणितपुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा है सरकार को अभी कोई खतरा नहीं है.
खबर है कि मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने बहुमत साबित करने का फैसला किया गया है. पुडुचेरी विधानसभा में कांग्रेस के 15 विधायक हैं. कांग्रेस को यहां पर तीन डीएमके और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन साहिल है.
पुडुचेरी. पुडुचेरी में कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल दिखाई दे रहे हैं. पिछले दो दिनों में कांग्रेस के चार विधायकों के इस्तीफे के बाद पुडुचेरी में कांग्रेस की सरकार अल्पमत में चली गई है. दूसरी ओर मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि वह इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि दोनों नेता पार्टी में बने रहेंगे उन्होंने कहा कि 'हमारी सरकार अल्पमत में नहीं है.' नारायणसामी ने कहा कि मल्लाडी कृष्ण राव और जॉन कुमार के इस्तीफे अब तक स्वीकार नहीं किए गए हैं और अभी भी अध्यक्ष उन पर विचार कर रहे हैं.
खबर है कि विधायकों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कैबिनेट को भंग करने की बजाय बहुमत साबित करने का फैसला किया गया है. वहीं पुडुचेरी के एलजी पद से किरण बेदी को हटाए जाने के बाद कांग्रेस के लिए दिक्कत और बढ़ गई है. 30 सीटों वाली पुडुचेरी विधानसभा में कांग्रेस के 15 विधायक हैं. कांग्रेस को यहां पर तीन डीएमके और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन साहिल है. पिछले दो दिनों में चार विधायकों के इस्तीफे के बाद अब विधायकों की संख्या दस हो गई है. दरअसल इससे पहले एक विधायक को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने की वजह से पार्टी से बाहर निकाल दिया गया था.
वहीं विपक्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में एआईएनआरसी की सात सीटें और अन्नाद्रमुक को चार सीटें मिली थीं. वहीं सदन में भारतीय जनता पार्टी के तीन नामित सदस्य हैं. इस तरह से देखा जाए तो कांग्रेस और विपक्ष दोनों के पास14-14 विधायकों का समर्थन है. पुडुचेरी में बहुत के आंकड़े को छूने के लिए 15 विधायकों का समर्थन जरूरी है. पुडुचेरी विधानसभा का चुनाव अप्रैल में होने की उम्मीद है क्योंकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 21 जून 2021 को समाप्त हो रहा है.
