पैंथर ने 3 ग्रामीणों पर किया हमला, दहशत के मारे घरों में कैद हुए लोग

डूंगरपुर. जिले के दोवड़ा थाना इलाके के कोलखंडा गांव में सोमवार रात को एक पैंथर (Panther) ने जमकर दहशत (Panic) फैलाई. करीब 1 घंटे में पैंथर ने दो बार ग्रामीणों पर हमला (Attack) बोला, जिसमें 3 लोग घायल हो गए. घायलों को डूंगरपुर अस्पताल में भर्ती (Hospitalized) करवाया गया है. इस इलाके में पैंथर पूर्व में भी मवेशियों को अपना शिकार बना चुके हैं.
झाड़ियों के बीच छिपकर बैठा था पैंथर
जानकारी के अनुसार कोलखंडा निवासी ललित परमार सोमवार रात को शौच करने के लिए खेतों की ओर गया था. उसी दरम्यिान झाड़ियों के बीच छिपकर बैठा पैंथर निकला और ललित पर पीछे से हमला कर दिया. अचानक हुए हमले के बावजूद ललित ने हिम्मत दिखाई और एक बार पैंथर को नीचे पटक दिया. इसके बाद उसने चिल्लाना शुरू कर दिया. पैंथर ने ललित पर पंजे से कई हमले किए, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया. इसके बाद पैंथर वहां से भाग गया. घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई और लोग एकत्रित हो गए.
बाद में बाइक सवार दो ग्रामीणों पर किया अटैक
इसके बाद करीब 1 घंटे तक पैंथर लोगों को नजर नहीं आया. लेकिन रात को मजदूरी कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे दो ग्रामीणों पर पैंथर ने हमला बोल दिया. अचानक हुए इस हमले से वे कुछ समझ ही नहीं पाए. पैंथर ने दोनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया. हमले हमले में बाइक सवार कोलखंडा निवासी लालचंद परमार और बसंत परमार गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके सिर, हाथ, पैर और शरीर पर कई जगह चोटें आईं हैं. हमले के बाद अंधेरा होने के कारण पैंथर गायब हो गया.
अब लोग घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं
घायलों को डूंगरपुर अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है. लोग घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं. पूर्व सरपंच ईश्वरलाल परमार ने बताया कि गांव के आसपास के इलाके में करीब तीन से चार पैंथर हैं जो अक्सर दिखाई देते हैं. वे पूर्व में भी गांव के भेड़ बकरियों को शिकार कर चुके हैं. इस बारे में वन विभाग के अधिकारियों को भी अवगत करवाया गया है, लेकिन लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं.
