प्रसाद देते हुए हाथ दबाने का मतलब था- साधिका उसे पसंद है

सूरत. जहांगीरपुरा थाने में 6 अक्टूबर 2013 को साधिका की दर्ज कराई शिकायत में कहा गया है कि नारायण साईं सत्संग के बाद प्रसाद वितरण में नारायण साईं जिस युवती का हाथ दबा दे, समझो वह उसे पसंद है। इस संकेत के आधार पर किसी भी तरीके से साधिका को उस तक पहुंचाया जाता था।

साधिका का हाथ दबाया

दिसंबर 2001 में जहांगीरपुरा आश्रम में हुए सत्संग में प्रवचन के बाद नारायण ने भक्तों को अपने हाथ से प्रसाद दिया था। उसने तीनों दिन साधिका का हाथ दबाया था। दिसंबर में नारायण और उसकी साधिकाओं ने फरियादी साधिका को स्पर्श भी नहीं किया था, बस थोड़ा नजदीक लाने का प्रयास किया। उसके बाद मध्यप्रदेश के मेघनगर में अन्य साधिकाओं प्रतिमा, मना, रजनी, चारू, प्रणाणी, रचना आदि के साथ फरियादी युवती को भी आने को कहा था। वहां साधिका गंगा-जमना ने उसका ब्रेनवॉश किया। 

काठमांडू ले जाकर नग्न नृत्य कराया 
फरियाद के अनुसार 2002 में होली उत्सव में बिहार के अहियारी के नए आश्रम में सत्संग था। उसमें युवती हाजिर थी। एक दिन दोपहर 2-3 बजे नारायण ने काम के बहाने उसे इशारा कर कुटिया में बुलाकर छेड़छाड़ की थी। उसके बाद नारायण युवती को नेपाल के काठमांडू स्थित ओशो आश्रम में ले गया और प्रभु को प्राप्त करने के लिए नग्न नृत्य कराया। 

पिछले दरवाजे से कुटिया में ले गया
डेढ़ महीने बाद सूरत के जहांगीरपुरा आश्रम में नारायण ने सत्संग में महिला को फोन कर कहा कि साधक कौशल उर्फ हनुमान से संपर्क करे। युवती ने आश्रम पहुंचकर कौशल उर्फ हनुमान से संपर्क किया। वह युवती को आश्रम के पीछे के दरवाजे से नारायण की कुटिया में ले गया। 

परिवार को बर्बाद करने की धमकी देकर कई बार दुष्कर्म 
जहांगीरपुरा आश्रम की कुटिया में युवती पहुंची तो नारायण ने दरवाजा बंद कर छेड़छाड़ शुरू कर दी। बाहों में भरने के बाद युवती को पलंग पर ले गया। जहां युवती से मुख मैथुन कराया। इसके बाद बाथरूम में ले गया। जहां उसने से युवती से दुष्कर्म किया। नारायण युवती को धमकी देता था कि इस कृत्य की किसी को जानकारी दी, तो उसके पूरे परिवार को बर्बाद कर देगा। नारायण ने युवती के गाल पर काटा था। किसी को पता न चले, इसके लिए गालों पर लगाने के लिए नारायण ने क्रीम भी दी थी।

 
गंभोई महिला आश्रम से भागने का प्रयास किया तो की गई थी पिटाई 
सूरत में दुष्कर्म के बाद धमकी, धार्मिक आस्था का प्रभाव दिखाकर युवती को साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर के गंभोई महिला आश्रम की संचालिका बनाकर भेज दिया। नारायण जब भी गंभोई जाता, युवती से मुख मैथुन और दुष्कर्म करता था। तंग आकर युवती ने गंभोई से भागने का प्रयास किया था। उस समय गंगा उर्फ धर्मिष्ठा और जमना उर्फ भावना ने उसे पकड़कर कुटिया में बंधक बना लिया था। उसके बाद उसकी पिटाई की थी। मां के बीमार होने का बहाना बनाकर युवती आश्रम से निकलकर घर पहुंची थी। 

पकड़ने के लिए पुलिस ने देश भर में 58 दिन की जांच 
पुलिस ने लगातार 58 दिनों तक इंदौर, गुड़गांव, देवास, लखनऊ, हरिद्वार सहित अन्य शहरों में नारायण की तलाशी की थी। वह दिल्ली में पकड़ा गया था। जांच अधिकारी तत्कालीन सहायक पुलिस कमिश्नर आर ए मुंशी ने बताया कि उसे पकड़ने के लिए आसाराम के 544 आश्रमों को नोटिस दिया था। देश के सभी एयरपोर्ट, सी-पोर्ट पर भी तलाशा। 

तत्कालीन डीसीपी शोभा भूतड़ा को मिली थी धमकी 
उसके बाद एसीपी मुकेश पटेल ने चार साल में जांच पूरी की थी। बाद में एसीपी आरडी फलदु ने नारायण चार पर कोर्ट में एफिडेविट किया था। डीसीपी शोभा भूतड़ा को केस से हटने की धमकी दी थी। अमृत प्रजापति नाम के गवाह की हत्या, महेंद्र प्रजापति पर फायरिंग हुई थी। 

कोर्ट के कटघरे तक पहुंचा नारायण 
नारायण साईं कलाकार भी था। कोर्ट ने उसे दुष्कर्म का दोषी माना है। शुक्रवार को जब उसे कोर्ट लाया गया तो उस समय काफी भक्त मौजूद थे। एक साधिका ने कहा कि बापू निर्दोष है, उन्हें फंसाया गया है। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

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