बस ऑपरेटरों की अब नहीं चलेगी मर्जी, टाइम टेबल में परमिट के साथ बस का नंबर भी डाला जाएगा

बसों के संचालन में निजी आपरेटरों के अलावा पंजाब रोडवेज और पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) की तरफ से की जा रही मनमर्जी अब नहीं चलेगी। इस अवैध संचालन पर रोक लगाने के उद्देश्य से अब किसी भी रूट पर बनने वाले जॉइंट टाइम टेबल में परमिट के अलावा संबंधित बस का रजिस्ट्रेशन नंबर भी डालना जरूरी होगा। स्टेट ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी के शिवा प्रसाद ने चंडीगढ़ में डायरेक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट एवं पंजाब रोडवेज के जनरल मैनेजरों के साथ हुई बैठक के दौरान उक्त आदेश जारी किए हैं। के शिवा प्रसाद ने अधिकारियों को उक्त व्यवस्था जल्द से जल्द लागू करने को कहा है।
ज्वाइंट टाइम टेबल सभी बस ऑपरेटरों की संयुक्त बैठक के बाद बनाया जाता है, जिसे संबंधित जिले के सेक्रेटरी आरटीए टाइम टेबल को अपनी अनुमति प्रदान करते हैं। सबसे बड़ा ऑपरेटर होने के चलते पंजाब रोडवेज ही अधिकतर टाइम टेबल तैयार कर रही है। मौजूदा समय में ज्वाइंट टाइम टेबल में मात्र टाइम के साथ संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनी का नाम लिख दिया जाता है और संबंधित कंपनी उस रूट एवं टाइम पर अपनी किसी भी बस को रवाना कर देती है।
निजी आपरेटरों के अलावा पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी पर कसेगा शिकंजा
अगर के शिवा प्रसाद के आदेशों को 100 फीसद लागू किया जाता है तो निजी बस ऑपरेटरों के अलावा पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी पर भी शिकंजा कसा जाएगा। अभी तक तो निजी बस ऑपरेटर्स पर ही अवैध बसों के परिचालन के आरोप लग रहे थे, लेकिन अब निजी आपरेटरों ने पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी पर भी अवैध परिचालन के आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। निजी बस ऑपरेटर्स का तर्क है कि दोनों ही सरकारी परिवहन सेवाएं मनमर्जी के रूट पर मनमर्जी के टाइम चला रही हैं, जिसे लेकर कई बार पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी के स्टाफ सदस्य भी आपस में मारपीट तक उतर आए हैं।
पंजाब मोटर यूनियन के जिला जालंधर के उपाध्यक्ष एवं गगनदीप बस सर्विस के संचालक संदीप शर्मा ने कहा कि वह तो पिछले लंबे अरसे से मांग कर रहे हैं कि जॉइंट टाइम टेबल में परमिट नंबर साथ डाला जाए, ताकि अवैध संचालन पर रोक लगाई जा सके। राज्य भर में अवैध बस संचालन में निजी आॅपरेटरों के अलावा पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी भी शामिल हैं। संदीप शर्मा ने कहा कि टाइम टेबल में बस का नंबर जरूरी करना किसी भी बस ऑपरेटर के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। अगर एक ही बस का नंबर टाइम टेबल में दिया जाता है तो यह भी संभव है कि बस तकनीकी खराबी के चलते रूट पर चल पाने के योग्य न हो। अगर ज्वाइंट टाइम टेबल में एक ही बस का नंबर रहेगा तो बस खराब होने की सूरत में तो बस ऑपरेटर को अपना टाइम ही मिस करना पड़ेगा।
