बिल्डर अब बेच नहीं पाएंगे कुर्क संपत्ति

भोपाल । प्रदेश में बिल्डर अब कुर्क संपत्ति को बेच नहीं पाएंगे। कुर्क की गई संपत्ति को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। राजधानी में कई लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है कि बिल्डर ने जो संपत्ति उन्हें बेची है, वह कुर्क है। अब बिल्डर पजेशन देने से पहले कुर्की की बहाली कराने के लिए कह रहा है। इस तरह की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम और तहसीलदार बैरागढ़ ने एक नवाचार किया है। इसके तहत बिल्डर की कुर्क संपत्ति राजस्व रिकॉर्ड खसरा के कॉलम नंबर 12 में दर्ज कर दी जाएगी, ताकि वह इसे बेच न सके और लोग ठगे न जाएं। हाल ही में हुई एक कार्रवाई के दौरान तहसीलदार ने एक बिल्डर की संपत्ति कुर्क करने के बाद उसकी सभी संपत्ति पर कुर्क संपत्ति अंकित कर दिया है। यह तब तक नहीं हटाया जाएगा, जब तक बिल्डर बकाया राशि शासन के खाते में न जमा करा दे। बकाया राशि जमा कराने के बाद खसरे के कॉलम नंबर 12 से यह हटा दिया जाएगा। इसके बाद ही बिल्डर अपनी संपत्ति बेच सकेगा। भोपाल जिले में बकायेदार (बिल्डर, कॉलोनाइजर या आम व्यक्ति) राजस्व और डायवर्सन शुल्क जमा करने में लगातार आनाकानी करते हैं। इस राशि को जमा करने के लिए वे अपनी कुछ संपत्तियों को कुर्क कराकर अपना कामकाज करते रहते हैं। ऐसे में प्रशासन न तो राशि वसूल पाता है और न ही कुर्क संपत्ति नीलाम हो पाती है। बाद में बकायेदार थोड़ी राशि जमा कर कुर्क संपत्ति छुड़ा लेते हैं। अब तक केवल द्वारकाधाम हवेली बिल्डर्स से डायवर्सन शुल्क की बकाया राशि 58.70 लाख रुपए जमा कराने के लिए यह नया प्रयोग किया गया है। बिल्डर यह राशि जमा करने में आनाकानी कर रहा था, तब उनके बड़वई स्थित दो फ्लैट कुर्क किए गए। बिल्डर इसके बाद भी पैसे देने में आनाकानी करने लगा तो एमपीएलआरसी की धारा-146-147 के नियम के तहत उनकी 11 संपत्तियों के खसरे में यह संपत्ति कुर्क दर्ज करा दी गई। यह भी दर्ज किया गया है कि इस संपत्ति की खरीदी-बिक्री प्रतिबंधित है।जब बिल्डर संपत्तियों पर लोन नहीं ले सका तो उसने कुर्क संपत्तियों को नीलाम कराकर बकाया राशि चुकाने का प्रस्ताव एसडीएम बैरागढ़ मनोज उपाध्याय और तहसीलदार गुलाब सिंह बघेल के सामने रखा। नीलामी में 40 लाख रुपए की राशि मिली। बची हुई राशि के लिए उसने सात दिन का समय मांगा। इधर, एसडीएम और तहसीलदार का कहना है कि जैसे ही बकाया राशि जमा हो जाएगी, खसरा रिकॉर्ड से यह टीप हटा दी जाएगी। आगामी दिनों में 14 बकायेदारों की संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई होनी है। इस बारे में एसडीएम बैरागढ़ मनोज उपाध्याय का कहना है ‎कि मप्र भू-राजस्व संहिता के प्रविधान के तहत जिन बकायेदारों की संपत्तियां कुर्क की गई हैं, उनकी संपत्तियों के खसरा के आगे यह संपत्ति कुर्क है, इसकी खरीदी-बिक्री प्रतिबंधित है, ऐसा लिखा जा रहा है। ताकि बकायेदार, बकाया राशि जमा न होने तक अन्य कार्य न कर सकें। 

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