बिहार में अब अपराधियों के ‘छक्के’ छुड़ाएंगे ट्रांसजेंडर

पटना। ट्रांसजेंडर यानि किन्नर समुदाय के लोगों की बिहार पुलिस में सीधी बहाली होगी। अब सिपाही और अवर निरीक्षक के पदों पर ट्रांसजेंडरों की सीधी नियुक्ति की जाएगी। राज्य की नीतीश सरकार की स्वीकृति के बाद गृह विभाग के संकल्प पत्र के अनुसार वर्दी पाने के लिए इन्हें भी लिखित और शारीरिक परीक्षा पास करनी होगी। सिपाही और दारोगा के पद पर भविष्य में होने वाली नियुक्ति में ट्रांसजेंडर के लिए पद आरक्षित होंगे। सिपाही संवर्ग के लिए नियुक्ति का अधिकार पुलिस अधीक्षक को होगा। जबकि, अवर निरीक्षक के लिए नियुक्ति का अधिकार पुलिस उपमहानिरीक्षक स्तर के पदाधिकारी के पास होगा।
  सिपाही एवं पुलिस अवर निरीक्षक संवर्ग में प्रत्येक 500 विज्ञापित पदों पर एक पद किन्‍नर समुदाय के लिए आरक्षित रहेगा। दोनों ही रैंक में प्रत्येक 500 पद के एक पद ट्रांसजेंडर के लिए होगा। ट्रांसजेंडर के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा के मापदंड महिलाओं वाले होंगे।
बहाली के लिए इनकी न्यूनतम उम्र सीमा विज्ञापन के अनुसार होगी। अधिकतम उम्र सीमा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कोटि के अनुसार छूट मिलेगी। इन्हें बिहार का मूल निवासी का प्रमाणपत्र देना होगा। अगर किन्‍नर के लिए आरक्षित पदों पर नियुक्ति के क्रम में चयनित अभ्यर्थियों की स्थिति कम पड़ जाती है, तो आरक्षित शेष रिक्तियों को उसी मूल विज्ञापन के सामान्य अभ्यर्थियों से भरने की कार्यवाही की जाएगी। नियुक्ति के लिए विज्ञापन का प्रकाशन एवं चयन की प्रक्रिया सिपाही वर्ग के लिए केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती) तथा पुलिस अवर निरीक्षक के लिए पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा पूरी की जाएगी। नियुक्ति के बाद इनका पदस्थापन जिला पुलिस बल में किया जाएगा।
 

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