बिहार: विदेशी महिलाओं ने मोक्षभूमि गया में किया पूर्वजों का पिंडदान

बिहार के गया को मोक्षभूमि के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि यहां पर पूर्वजों का पिंडदान करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। यही कारण है कि विदेशों से भी पूर्वजों की मोक्ष कामना के लिए श्रद्धालु गया पहुंच रहे हैं। गुरुवार को तीन देशों के छह श्रद्धालु पिंडदान करने के लिए पहुंचे।
फल्गु नदी के देवघाट पर कर्मकांड और तर्पण किया गया। कर्मकांड की विधि गया के तीर्थ पुरोहित आशीष वचन के बाद हिंदू धर्म प्रचारक लोकनाथ गौड़ ने कराई। सभी श्रद्धालु महिला थीं। लोकनाथ ने बताया कि ये महिला श्रद्धालु इटली, जर्मनी और रुस की हैं। सभी ने देवघाट, विष्णुपद मंदिर परिसर और सूर्यकुंड में कर्मकांड किया।
इसके बाद वह शुक्रवार को प्रेतशिला, रामशिला एवं कागबली पिंडवेदी पर कर्मकांड करेंगी। शनिवार को अक्षयवट में सुफल का आशीर्वाद प्राप्त करके अपने-अपने देश लौट जाएंगी। विदेशी श्रद्धालु यूलियाना, एलोनयारा, एलेना, रिटा, सैफिस ने बताया कि उन्हें उनके धर्मगुरु ने पिंडदान का महत्व बताया है। जिसके बाद सभी पिंडदान करने के लिए गया आई हैं।
