बीजेपी मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया सुषमा स्वराज का पार्थिव शरीर

नई दिल्ली: पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) का मंगलवार रात यहां एम्स में निधन हो गया. वह 67 साल की थीं. सुषमा को दिल का दौरा पड़ने के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था. उन्होंने अपने अंतिम ट्वीट में कश्मीर पर सरकार के कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी थी. उन्होंने कहा था कि वह इस दिन का पूरे जीवनभर इंतजार कर रही थीं. सुषमा ने पिछला लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था. बुधवार सुबह सुषमा स्वराज के पार्थिव शरीर को उनके निवास स्थान धवनदीप बिल्डिंग में रखा गया, जहां राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. 

सुषमा स्वराज का पार्थिव शरीर दोपहर 1 बजे बीजेपी मुख्यालय पहुंचा. यहां सबसे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी पार्थिव देह पर बीजेपी का झंडा ओढ़ाया. 
सुषमा स्वराज का पार्थिव शरीर दोपहर 1 बजे बीजेपी मुख्यालय पहुंचा. यहां सबसे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी पार्थिव देह पर बीजेपी का झंडा ओढ़ाया. 
उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा, 'पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आकस्मिक निधन से अत्यंत दुखी हूं. यह राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी क्षति है. मैं सुषमा जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. हमने उनके निधन पर आज राजकीय शोक घोषित किया है.'
पाकिस्तान की जेल में बंद रहे सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने सुषमा स्वराज के निधन पर शोक वक्त करते हुए कहा, 'यह पूरे देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है. सुषमा जी ने हमेशा लोगों की मदद की. फिर चाहे वो हामिद अंसारी हो, सरबजीत हो, गीता हो या कुलभूषण जाधव हो, उन्होंने सबकी मदद की. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे.' 
 कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने भी सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि अर्पित की.
राज्यसभा में सुषमा स्वराज के निधन पर शोक व्यक्त किया गया. सदन में दो मिनट का मौन रखा गया. इस दौरान राज्यसभा के सभापति उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा, 'उनके असामयिक निधन से राष्ट्र ने एक सक्षम प्रशासक, एक प्रभावी सांसद और लोगों की सच्ची आवाज खो दी है. "'
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल सुषमा स्वराज के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, 'सुषमा जी के जाने से जो क्षति हुई उसकी भरपाई करना मुश्किल है.'          
 

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