बेटी से दुष्कर्म करता था सौतेला पिता, जानें कैसे हुई 10 साल कैद की सजा

चूरू. सौतेला पिता शादीशुदा बेटी (daughter) के साथ दुष्कर्म करता था. इतना ही नहीं बेटी की मां और पिता उसे बड़ी रकम लेकर किसी को बेचने की तैयारी में थे. सवा तीन साल पुराने इस मामले में शनिवार को एडीजे (ADJ) प्रवीण वर्मा ने फैसला सुनाते हुए सौतेले पिता (Step father) को दोषी माना और उसे 10 वर्ष के कारावास (imprisonment) की सजा सुनाई. इसके साथ ही 10 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया. इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह और 16 दस्तावेज पेश किए गए थे.
चार साल की उम्र में उठ गया था पिता का साया
आठ मई 2016 को राजलदेसर थाने में पीड़िता ने रतनगढ़ तहसील के एक गांव में रहने वाले अपने सौतेले पिता रूपाराम मेघवाल के खिलाफ अपने साथ दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज करवाया था. एपीपी महावीर सिंह राठौड़ ने बताया कि पीड़िता ने दर्ज करवाई गई रिपोर्ट में लिखा था कि सगे पिता की मृत्यु चार वर्ष की उम्र में हो गई थी. मां रूपाराम के साथ रहने लगी थी.
सौतेले पिता ने षडयंत्र कर नहीं जाने दिया ससुराल 
सौतेले पिता ने उसका विवाह 2015 में रतनगढ़ तहसील के ही एक गांव में युवक के साथ कराया पर षड़यंत्र के तहत पीड़िता को ससुराल नहीं जाने दिया. सौतेले पिता ने पति व ससुर आदि के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया. बाद में सौतेला पिता पीड़िता के साथ अश्लील हरकते करने लगा, जब उसने अपनी मां को बताया तो मां व सौतेले पिता ने पीड़िता के साथ मारपीट की.
सौतेले पिता ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने लगा. दुष्कर्म की घटनाओं के बाद मां व पिता उसे किसी को बेचकर बड़ी रकम पाना चाहते थे, लेकिन पीड़िता ने विरोध किया जिससे यह संभव नहीं हो पाया.
 

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