बेटी से रेप कर उसकी हत्या करने वाले पिता कोर्ट ने दिया फिर दोषी करार

कोटा । कोटा में अपनी ही 17 वर्षीय मंदबुद्धि बेटी से रेप कर उसकी हत्या करने वाले आरोपी पिता को कोर्ट ने एक बार फिर दोषी करार दिया है। इससे पहले गत वर्ष 20 जनवरी को अभियुक्त को पोक्सो कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। रेपिस्ट ने सजा के खिलाफ निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले में फिर से सुनवाई हुई थी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के इस फैसले में पीड़िता की मां से जिरह नहीं करने को न्यायचित नहीं माना था। उसके बाद पोक्सो कोर्ट क्रम संख्या-1 में इस मामले में पीड़िता की मां से जिरह कर डिफेंस के गवाह भी पेश किए गए थे। मंगलवार को आरोपी पिता को कोर्ट में पेश किया गया। इसके दौरान कोर्ट ने उसे एक बार फिर दोषी करार दिया है। कोर्ट अब इस मामले में 27 जनवरी को अपना फैसला सुनायेगी।
विशिष्ट लोक अभियोजक प्रेमनारायण नामदेव ने बताया कि 13 मई 2015 को मृतका के पिता ने नयापुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि वो वेयरहाउस में गार्ड का काम करता है। उसकी 17 साल की नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी। वह रात को जब घर पहुंचा तो बेटी लहूलुहान हालत में सोफे पर पड़ी मिली थी और उसकी मौत हो चुकी थी। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरु की तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के 4 माह का गर्भ पाया गया था। इस कारण पुलिस ने उनका डीएनए सैंपल लिया। मृतका की मां के बयान लिए तो मामला सामने आया कि पिता ही लंबे समय से बेटी के साथ दुष्कर्म जैसा घिनोना कृत्य कर रहा था। दुष्कर्म से जब बेटी गर्भवती हो गई और उसने गर्भ गिराने से मना किया तो दुष्कर्मी पिता ने उसे मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद नयापुरा थाना पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। 18 गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने पिछले साल 20 जनवरी को आरोपी को फांसी की सजा और 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया था।
