बेस्ट बसों के किराये कम होने से बढ़ने लगे यात्री

मुंबई। लगातार बढ़ रहे घाटे और कम हो रहे यात्रियों की संख्या से चिंतित बेस्ट प्रशासन ने जब से बेस्ट बसों के किराए में कटौती की है तब से बेस्ट की यात्री संख्या में काफी वृद्धि देखी जा रही है. लोग टैक्सी और रिक्शे की बजाय बेस्ट की बसों से यात्रा करना पसंद कर रहे हैं. आलम यह है कि बेस्ट का किराया और पास की रकम कम करने के कुछ ही दिन में बेस्ट के यात्रियों की संख्या 7 लाख पार कर गई है. इसमें बेस्ट बसों के पासधारकों की संख्या में १४ हजार का इजाफा देखा गया है. पास की रकम कम करने से पहले बेस्ट के पासधारकों की संख्या ३ लाख १५ हजार थी जो अब ३ लाख २९ से भी ज्यादा पहुंच गई है. यह बढ़ोत्तरी एक सप्ताह के भीतर ही हुई है. गौरतलब हो कि ९ जुलाई से बेस्ट बसों के किराए और पास की दरों में भारी कटौती के सप्ताहभर के भीतर ही यात्रियों की संख्या 7 लाख पहुंची, इसके साथ ही पासधारकों की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है. लोगों की सारी अटकलों को दरकिनार करते हुए बेस्ट की आय में बढ़ोत्तरी होनी शुरू हो गई, जिससे बेस्ट का घाटा लगातार कम होने लगा है. पहले दिन बेस्ट बसों का घाटा ६७ लाख रुपए था जो तीसरे दिन घटकर ५५ लाख रुपए पर आ गया. इसके बाद लगातार घाटे में कमी आ रही है. ११ जुलाई को कुल २४ लाख ३६ हजार १८३ टिकट बिके, जिनसे बेस्ट को १ करोड़ ५७ लाख ५५ हजार ६४९ रुपए की आमदनी हुई जबकि किराया कम करने से पहले बेस्ट के रोजाना लगभग १७ लाख १५ हजार ४४० रुपए टिकट बिकते थे, जिनसे बेस्ट को २ करोड़ १२ लाख ३३ हजार २६० रुपए की आमदनी होती थी. किराया कम करने के पहले दिन ९ जुलाई को बेस्ट के कुल २२ लाख १८ हजार २५३ टिकट बिके, जिनसे बेस्ट को १ करोड़ ५३ लाख ३४ हजार ६९७ रुपए की आमदनी हुई. पहले दिन बेस्ट के ५ लाख २ हजार ८१३ टिकट बढ़े पर बेस्ट को ६६ लाख ९८ हजार ५६३ रुपए का नुकसान हुआ. इसके बाद कई लोगों ने बेस्ट के फैसले पर सवाल उठाने शुरू किए, पर किराया कम करने के तीसरे दिन बेस्ट में ७,२०,७४३ यात्री बढ़ गए. इससे बेस्ट का रोजाना का घाटा घटकर ५४,७७,६११ लाख रुपए पर पहुंच गया. यह घाटा लगातार कम होने की आशा बेस्ट प्रशासन को है. अब बेस्ट प्रशासन कई नए रूटों पर बसें चलाने की योजना बना रहा है. ये रूट रेलवे और मेट्रो स्टेशनों से शहर के विविध इलाकों में जाने वालों को आकर्षित करने के लिए हैं.
