भारत ने ब्रिटेन के सामने उठाया माल्या जैसे भगोड़ों का मुद्दा

भारत ने ब्रिटेन के सामने आर्थिक अपराधियों समेत दूतावास से जुड़े कई मुद्दे उठाए. विदेश सचिव विजय गोखले ने विजय माल्या का जिक्र करते हुए इसकी जानकारी दी. भगोड़े शराब कारोबारी माल्या, ब्रिटेन में प्रत्यर्पण सुनवाई का सामना कर रहे हैं.


गोखले से पूछा गया था कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ब्रिटिश समकक्ष टेरीजा मे के साथ वार्ता के दौरान माल्या के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया ? दोनों नेताओं की बातचीत के बाद प्रेस कांफ्रेंस में सवालों का जवाब देते हुए गोखले ने कहा , 'आर्थिक अपराधियों समेत दूतावास से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए.'


इस दौरान दोनों नेताओं के बीच सीमापार आतंकवाद, वीजा और आव्रजन सहित आपसी हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई.


डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रेक्जिट के बाद भारत की नजरों में ब्रिटेन का महत्व कम नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार तक पहुंचने के लिए लंदन शहर भारत के लिये काफी महत्वपूर्ण है और बना रहेगा.'प्रवक्ता ने कहा कि इस दौरान टेरीजा मे ने प्रधानमंत्री मोदी को ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने की प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस बारे में मार्च में जो समय तय हुआ है उसमें भारतीय कंपनियों और निवेशकों को भरोसा दिया गया है कि उनके लिए बाजार में प्रवेश की मौजूदा शर्तें 2020 तक जारी रहेंगी.


ब्रिटेन की ओर से कहा गया कि बैठक में प्रधानमंत्री में की 2016 की भारत यात्रा के बाद रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति पर भी गौर किया गया. इसके साथ ही सेनाओं के बीच नजदीकी संबंधों और महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्रों में रक्षा क्षमता भागीदारी जैसे कई समझौतों पर भी गौर किया गया.

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