भारत में नारी शक्ति सदा से आदरेय रही हैः सुधांशु जी महाराज
नर-नारी मिलकर करें श्रेष्ठ परिवार व समाज का नवनिर्माण
वर्ष २०१८ गीता ज्ञान प्रसार को समर्पित होगा
विजामि प्रमुख सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने कहा
पिंपरी में विराट भक्ति सत्संग महोत्सव शुरू
पुणे। विश्व जागृति मिशन नई दिल्ली के पुणे मण्डल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विराट भक्ति सत्संग महोत्सव पुणे के पिंपरी स्थित बालाजी लान्स प्रांगण में आज सायंकाल विधिवत शुरू हो गया। महोत्सव का उद्घाटन मिशन के संस्थापक संरक्षक, प्रख्यात चिन्तक, विचारक एवं अध्यात्मवेत्ता सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया, जिसमें सांसद-मावल श्री रंग वारणे ख़ासदार, वारकारी मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सन्त श्री प्रकाश वोघले जी महाराज, प्रियदर्शनी सोशल ग्रुप के जवाहर कोटवानी, विजामि पुणे मण्डल के प्रधान श्री घनश्याम झँवर भी सहयोगी रहे।
व्यास पूजन से आरम्भ हुये सत्संग महोत्सव में उपस्थित ज्ञान-जिज्ञासुओं को सम्बोधित करते हुए श्री सुधांशु जी महाराज ने उपस्थित जनसमुदाय से कहा कि सारे देश में नारी शक्ति सदैव सम्माननीय रही है।इस ऋषि-राष्ट्र ने महिलाओं को हमेशा आदर दिया है और उन्हें प्रथम (दाएँ) स्थान दिया है। महिलाएँ परिवार की धुरी तो होती ही है, समाज निर्माण में उनकी भूमिका बड़ी महत्वपूर्ण होती है। वचन की महत्ता बताते हुये उन्होंने कहा कि महिलाएँ विवाह के समय लिए गये सात वचनों को जीवनभर निभाती हैं। उन्होंने सभी से वाणी, मन, वचन एवं कर्म से ईमानदार बनने का आहवान किया। उन्होंने अपने प्रवचन में सुख व शान्ति से परिपूर्ण जीवन के कई उपयोगी सूत्र जनमानस को दिए।
श्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि 18 दिनों तक चले महाभारत में 18 अक्षौहिणी सेना पाण्डवों एवं कौरवों की ओर से सम्मिलित हुई थी। महाभारत के मध्य में 18 अध्यायों वाली भगवतगीता विशेष महत्व रखती है। चालू वर्ष 2018 में गीता के ज्ञान से देशवासियों को जोड़ने का कार्य विश्व जागृति मिशन द्वारा किया जाएगा। राष्ट्र की नयी पीढ़ी तक गीता का जीवनोपयोगी तथा लोकोपयोगी ज्ञान पहुँचाने के लिए ‘गीता ज्ञान परीक्षा’ का आयोजन स्कूलों-विद्यालयों में किया जाएगा।
विजामि पुणे मण्डल के प्रधान श्री घनश्याम झँवर ने बताया कि सत्संग महोत्सव का समापन 21 जनवरी की सायंकाल होगा। उन्होंने बताया कि शनिवार व रविवार को दो सत्रों में सत्संग सम्पन्न होगा, जिसका समय पूर्वाहनकाल में 9 से 11.30 बजे तथा सायंकाल 5 से 7 बजे तक रखा गया है। संगठन सचिव श्री रवीन्द्र नाथ द्विवेदी ने बताया रविवार को मध्याहनकाल में सामूहिक मन्त्र दीक्षा (गुरुदीक्षा) सम्पन्न होगी।
उधर नई दिल्ली से आए श्री प्रयाग शास्त्री के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा, वृद्धजन सेवा, गुरुकुल सेवा, देवदूत (अनाथ) शिक्षा, गौसेवा एवं साहित्य सेवा सम्बन्धी स्टॉल सत्संग सभा स्थल के समीप लगाए गए हैं। श्री शास्त्री ने बताया कि पूरे शरीर का चेकअप करके नि:शुल्क स्वास्थ्य परामर्श सेवा की व्यवस्था भी सत्संग स्थल पर की गई है।
सत्संग सभा का मंचीय समन्वयन व संचालन विश्व जागृति मिशन नयी दिल्ली के निदेशक श्री राम महेश मिश्र ने किया।
