मंत्री पटवारी ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में किया विद्यार्थियों से संवाद

उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के तक्षशिला परिसर में विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने अपनी हालिया कैंब्रिज यात्रा के अनुभव साझा किए। साथ ही विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 8 ज़िलों से आए विद्यार्थियों के प्रश्नों को सुना और उनका उत्तर दिया।
मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि युवा जीवन में कभी भी विपरीत परिस्थिति आने पर निराश नहीं हो। ईश्वर अगर एक दरवाज़ा बंद करता है, तो दूसरे सौ दरवाज़े खोल देता है। अपने श्रम पर भरोसा रखें और प्रयास जारी रखें।
कुलपति डॉक्टर रेणु जैन ने परिसंवाद को एक सार्थक प्रयास बताया और कहा कि इससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अधिक गतिशीलता आएगी। आयुक्त उच्च शिक्षा श्री राघवेंद्र सिंह ने भी मंत्री श्री जीतू पटवारी के साथ मिलकर विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर दिए।
मंत्री श्री पटवारी से विद्यार्थियों ने प्रत्येक महाविद्यालय में खेल अधिकारी के पद की पूर्ति का अनुरोध किया। कस्तूरबा ग्राम की कविता आवास्या ने प्रश्न किया कि युवाओं में संस्कारों की कमी क्यों होती जा रही है। राऊ की पार्वती ने पूछा कि सरकार शिक्षा को प्रायोगिक एवं रोज़गार मूलक बनाने के लिए क्या कर रही है। राऊ की शिवानी पाटीदार और कला महाविद्यालय इंदौर के रवि ने मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता के संबंध में प्रश्न किया। हिमांशी कैथवास का प्रश्न था कि उच्च शिक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया इतनी लंबी क्यों होती है। होम लोन और वाहन लोन की तुलना में शिक्षा ऋण पर ब्याज की दर अधिक होने पर भी विद्यार्थियों ने सवाल किए। रितु पाटीदार का प्रश्न था कि टाइम्स पत्रिका की वैश्विक रैकिंग में भारत या मध्य प्रदेश का कोई भी विश्वविद्यालय शामिल क्यों नहीं हो पाया है। होलकर साइंस कॉलेज की मोनिका सोनी ने महाविद्यालय की कैंटीन का स्तर सुधारने और पोषक हेल्दी फ़ूड मिलने की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। प्राध्यापकों की ओर से सुझाव आया कि ऑनलाइन और ऑफ़लाइन प्रवेश प्रक्रिया का वरिष्ठ अधिकारी एक बार पुनः परीक्षण करें। सुगनी देवी कॉलेज में विकास अवरोध दूर करने और शैक्षणिक परिसरों में धूम्रपान और व्यसन पर सख़्ती से प्रतिबंध लगाने की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया गया। इंदौर के विद्यार्थी व्योम ने अंतरिक्ष विज्ञान की तरफ सरकार की अधिक रुचि नहीं होने की बात ध्यान में लाई। विद्यार्थियों ने एनएसएस के बजट में वृद्धि की माँग भी की।
