मध्यप्रदेश ने काफी विकास किया, लेकिन यह अब भी अपर्याप्त

भोपाल  मध्य प्रदेश वित्त आयोग के दृष्टिकोण से बहुत ही महत्वपूर्ण राज्य है। यहां लंबे समय से स्थाई सरकार रही है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के आर्थिक विकास पर पड़ा है। कृषि के क्षेत्र में अदभुत ख्याति प्राप्त की है। यह बातें 15वे वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने कहीं। वे मंत्रालय में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। गौरतलब है कि वित्त आयोग के प्रतिनिधि तीन दिवसीय प्रदेश दौरे पर आये थे। सिंह ने आगे कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रगति हुई है, लेकिन इसका लाभ मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय पर सिमित रूप से ही पड़ा है। मध्यप्रदेश की वर्तमान प्रति व्यक्ति आय देश की प्रति व्यक्ति आय से कम तो है ही साथ ही, अन्य अविकसित राज्यों से भी कम है। सिंह ने कहा कि प्रदेश में ट्रेवल्स पापुलेशन एक विशेष चैलेंज है। एसटी/एसटी की वर्तमान नीति में परिवर्तन की आवश्यकता है। ऊर्जा के क्षेत्र में और प्रगति लाने की आवश्यकता है। प्रदेश ने उदय स्कीम को अपनाया था। उदय स्कीम के तहत ट्रांसमिशन और डिस्ट्रटिब्युशन लॉसेस को नीचे जाना चाहिए, लेकिन यह उदय स्कीम के अनुरूप नहीं हुआ। कई पंचायतों में तकनीकी मेन पॉवर नहीं है, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो पाता। जीएसटी को लेकर उन्होंने कहा कि आयोग और जीएसटी परिषद के बीच नियमित संवाद की आवश्यकता है और इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन से भी चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद संवैधानिक संस्था है और उसके कार्यों का आयोग से सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आयोग को बताया गया रोड मैप संतोषजनक है। शिक्षा और स्वस्थ्य के क्षेत्र में सरकार के वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा जो आशाएं प्रगट की हं अगर उनका सही तरह से क्रियान्वयन हो तो आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश में निश्चित ही प्रगति होगी। 

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