मध्यप्रदेश में पहली से 8वीं कक्षाओं के लिए दूरदर्शन और रेडियो पर आज से पाठशाला लगेगी;

मध्यप्रदेश में पहली से 8वीं कक्षाओं के लिए दूरदर्शन और रेडियो पर आज से पाठशाला लगेगी; सुबह 10 से लेकर शाम 5.30 बजे तक अलग-अलग समय रहेगा
मध्यप्रदेश में आज से कक्षा पहली से 8वीं तक की क्लास रेडियो और दूरदर्शन पर होंगी।
रेडियो पर सुबह 10 और शाम 5 बजे से, दूरदर्शन पर दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक रहेगा
मध्यप्रदेश में 15 अप्रैल तक स्कूल बंद हैं। ऐसे में नए सत्र के बच्चों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग कक्षा पहली से 8वीं के विद्यार्थियों के लिए एक अप्रैल से पूर्वानुसार ही दूरदर्शन और रेडियो पर शैक्षणिक कार्यक्रम का प्रसारण करेगा। यह पाठशाला रेडियो पर सुबह 10 से 11 और शाम 5 से 5:30 बजे तक एवं दूरदर्शन पर दोपहर 12 से 1.30 बजे तक संचालित की जाएंगी।
दूरदर्शन पर कक्षा छठवीं से आठवीं के लिए विज्ञान, गणित एवं सामाजिक विज्ञान में विषय आधारित शिक्षण कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा। इसी प्रकार रेडियो पर कक्षा पहली से आठवीं के लिए पाठ्यपुस्तक आधारित हिंदी, गणित, अंग्रेजी विषयों में और सांयकालीन प्रसारण में खेल, योग, कला, म्यूजिक, यातायात नियम जैसे विषयों पर कार्यक्रम प्रसारित किए जाएंगे। सभी जिलों के कलेक्टर्स को उक्त संबंध में शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ करने के लिए समुचित निर्देश जारी करने हेतु कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि DigiLEP (डिजिटल लर्निंग एन्हांसमेंट प्रोग्राम ) के अंतर्गत कक्षा पहली, दूसरी के पाठ्यपुस्तक आधारित वीडियो तथा कक्षा तीसरी से आठवीं के लिए दक्षता उन्नयन गतिविधि आधारित वीडियो प्रतिदिन वाट्सअप ग्रुप के माध्यम से शिक्षकों, पालकों और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। शिक्षकों के द्वारा इन वीडियो पर क्विज, प्रश्न आदि से सीखे गए विषयों के आधार पर विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
कोविड-19 वायरस की वर्तमान परिस्थितियों और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर नवीन शैक्षणिक सत्र 2021-22 में कक्षाओं का ऑनलाइन संचालन किया जाएगा। सत्र 2020-21 में कोविड-19 के कारण कक्षा पहली से आठवीं के विद्यार्थियों के लिए नियमित कक्षाओं का संचालन नहीं हो सका है। इस कारण संपूर्ण सत्र में शैक्षणिक गतिविधियों को रेडियो स्कूल, डिजीलैप और दूरदर्शन के माध्यम से आयोजित करके शिक्षण प्रक्रिया जारी रखी गई है। संपूर्ण सत्र को "हमारा घर हमारा विद्यालय" की अवधारणा पर पालकों एवं शिक्षकों के सहयोग से शिक्षण प्रक्रिया सुचारू रखने के प्रयास किए गए हैं।
